बरेली। इज्जतनगर क्षेत्र निवासी पूर्व पार्षद का बेटा और हिस्ट्रीशीटर गौरव अरोड़ा फर्जी बैनामे के जरिये मकान कब्जाने की कोशिश कर रहा है। गौरव ने अपने साथियों के संग मिलकर पीड़ित से रंगदारी भी मांगी है। इज्जतनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
सनसिटी विस्तार निवासी अनिल मल्होत्रा ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके पिता प्रकाश चंद्र ने असगरी बेगम से 1976 में सौ वर्ग गज का मकान खरीदा था। वर्ष 1993 में पिता की मौत के बाद भाई सुनील, बहन अनीता और उनके नाम बतौर वारिस दर्ज हुए। नगरिया परीक्षित के पूर्व पार्षद अशोक अरोड़ा का बेटा और इज्जतनगर थाने का हिस्ट्रीशीटर गौरव अरोड़ा उनका मकान कब्जाना चाहता था। गौरव ने कमेटी के नाम पर अनिल के नौ लाख रुपये हड़प लिए। उनके भाई-बहन से दबाव डालकर बैनामा करा लिया और अनिल का हिस्सा हड़पने के लिए उनकी जगह नगरिया के अली अहमद को खड़ा कर फर्जी बैनामा करा लिया। मोहम्मद बख्श और राहुल ने बैनामा में फर्जी गवाही दी। अनिल ने बताया कि गौरव और उसके साथी फर्जी बैनामा के जरिये उनके मकान को कब्जाने की कोशिश कर रहे हैं। कमेटी के नौ लाख रुपये भी हड़प लिए। डेढ़ लाख रुपये की रंगदारी मांगी जा रही है। इज्जतनगर थाने में गौरव और उसके गुर्गों के खिलाफ रिपोर्ट कराई गई है। अमर उजाला ब्यूरो
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भूमाफिया है गौरव, धर्मस्थल पर भी किया है कब्जा
गौरव अरोड़ा के खिलाफ बीस से अधिक मुकदमे दर्ज है। उसके खिलाफ दर्ज अधिकतर मुकदमे धोखाधड़ी और जमीन से संबंधित हैं। गौरव अरोड़ा पंजीकृत भूमाफिया व इज्जतनगर थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक गौरव अरोड़ा और उसके पिता पूर्व पार्षद अशोक अरोड़ा का नाम अक्सर विवादित जमीनों की खरीद फरोख्त व कब्जा करने में सामने आता रहता है। नैनीताल हाइवे किनारे बने एक धर्मस्थल पर भी इन लोगों ने कब्जा रखा है। धार्मिक स्थल पर व्यवसायिक गतिविधियां भी होती हैं।