बरेली। सर्दी कम होने के साथ ही दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर बरेली-सीतापुर फोरलेन पर निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए एनएचएआई ने कांट्रेक्टर के वार्ता करने के साथ उसे 26 जनवरी के बाद से हॉटमिक्स प्लांट शुरू करने का रिमाइंडर भी भेजा है। हालांकि इस टूटे हाईवे पर खतरनाक गड्ढों को भरने का काम पहले ही शुरू हो चुका है।
पूर्व में इरा इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के काम न करने से बरेली-सीतापुर हाईवे का निर्माण करीब चार साल से ठप पड़ा है। इससे इस महत्वपूर्ण हाईवे के लगातार टूटने और दरकने से खतरनाक गड्ढे हो गए हैं। फरीदपुर, फतेहगंज पूर्वी के पास बाईपास रोड और फ्लाईओवर की हालत तो बहुत ही ज्यादा खराब है। इससे यहां आए दिन एक्सीडेंट भी हो रहे हैं। एनएचएआई ने नवंबर में आगरा की एक कंपनी को करीब सात अरब का ठेका दे दिया था, लेकिन हाईवे का निर्माण गति नहीं पकड़ पा रहा है। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए बरेली से सीतापुर के बीच चार हॉटमिक्स प्लांट भी लगाए जाने हैं लेकिन इसका संचालन अब तक नहीं शुरू हो सका है। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि दिसंबर और जनवरी में काफी सर्दी पड़ने की वजह से कोलतार का काम नहीं शुरू कराया गया है क्योंकि रोड पर हॉटमिक्स की लेयर अगर बहुत कम तापमान पर बना दी जाए तो उसके जल्द टूटने की संभावना होती है। इसलिए ठेकेदार से पहले खतरनाक गड्ढों को भरवा जा रहा है। 26 जनवरी के बाद तापमान कुछ बढ़ने के साथ ही हॉटमिक्स प्लांट शुरू कराने की तैयारी चल रही है।
‘कांट्रेक्टर लेने वाली कंपनी को काम शीघ्र शुरू कराने के लिए कई बैठक करने के साथ रिमाइंडर भी भेजा गया है। अत्यधिक कम तापमान में हॉटमिक्स कम होने से हॉटमिक्स का काम करना उचित नहीं है। मौसम ठीक होने का इंतजार किया जा रहा है।’
- अमित प्रकाश, पीडी, एनएचएआई