फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीन सौ बेड में कबाड़ हो रहे संसाधन, चूहों ने कुतर दिए बेड की जानकारी शासन को नहीं

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। तीन सौ बेड के अस्पताल में 31 जनवरी तक ओपीडी शुरू होने की कवायद के बीच एक बड़ा घपला भी सामने आया है। अस्पताल के भवन का निर्माण पूरा होने से पहले ही स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बेड और गद्दों की खरीद कर ली। गद्दों को एक कमरे में बंद कर दिया। पिछले दिनों जब कमरा खोलकर देखा गया तो पता चला कि ज्यादातर गद्दों को चूहों ने कुतरकर बर्बाद कर दिया है। अधिकांश बेड भी कबाड़ हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इस मामले से न तो प्रमुख सचिव/जिले के नोडल अफसर नवनीत सहगल को अवगत कराया है और न ही अब तक शासन को इसकी जानकारी दी है।
विज्ञापन

तीन सौ बेड के अस्पताल में 31 जनवरी तक ओपीडी शुरू करने की बात प्रमुख सचिव नवनीत सहगल से कही गई है। हालांकि व्यावहारिक रूप से यह फिलहाल संभव नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के ये दावे सिर्फ हवा हवाई साबित होंगे, लेकिन अस्पताल के खरीदे गए तीन सौ बेड सड़-गल चुके हैं। उनके गद्दों को चूहे कुतर रहे हैं। इस बारे में अभी तक शासन को न ही कोई रिपोर्ट की गई है और न ही उन्हें सुरक्षित रखने के इंतजाम किए गए हैं। अफसरों की मानें तो स्वास्थ्य विभाग के एक पूर्व अधिकारी अस्पताल भवन का निर्माण पूरा होने से पहले ही इनकी खरीददारी कर गए थे।
सीएमएस को निरीक्षण में भी नहीं दिखे कंडम बेड और चूहों के कुतरे गद्दे
सीएमएस डॉ. टीएस आर्या ने हॉस्पिटल मैनेजर पूजा चौहान के साथ नवंबर और दिसंबर में दो बार ओपीडी शरू करने के लिए तीन सौ बेड के अस्पताल का निरीक्षण किया, लेकिन उन्हें एक बार भी ये कमियां नहीं दिखी। उन्हाेंने अपनी निरीक्षण रिपोर्ट में सब कुछ अच्छा बताते हुए हर बार ओपीडी शुरू करने पर सहमति जताई, लेकिन रिपोर्ट में कंडम हो चुके बेड और चूहों के कुतरे गद्दों का कोई जिक्र नहीं किया।
विज्ञापन

अस्पताल में बेड रखवाए गए हैं। चालू होने पर उन्हें लगवाया जाएगा। वे सुरक्षित हैं। गद्दे चूहों ने कुतर दिए हैं, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। अगर ऐसे है तो इसे दिखवाया जाएगा। - डॉ. विनीत कुमार शुक्ल, सीएमओ।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें