बरेली। शायद आपको यह जानकर हैरत होगी कि तीन महीनों में ही बरेली मंडल में हुए सड़क हादसों में 439 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें आधे से ज्यादा 238 लोगों की जानें बरेली में गई हैं। दूसरे नंबर पर बदायूं है जहां 130 लोगों की मौत हुई है। मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की रिपोर्ट की मानें तो बरेली में हादसों की दृष्टि से रामपुर रोड सबसे ज्यादा खतरनाक है। पिछले तीन महीनों में इस हाईवे पर बरेली से मीरगंज के बीच सर्वाधिक दुर्घटनाएं हुई हैं। हालांकि हादसों में सबसे ज्यादा जानें मंडल के बदायूं जिले में गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पीलीभीत इस मायने में कुछ हद तक सुरक्षित है, जहां तीन महीनों में सिर्फ चार लोगों की मौत हुई है।
हाल ही में सड़क हादसे बढ़ने के बाद डीआईजी के निर्देश पर सड़क सुरक्षा समिति ने मंडल में हादसों में हुई मौतों और उनकी वजह पर रिपोर्ट तैयार की है। यह डाटा एक फरवरी से 30 अप्रैल के बीच नौ बिंदुओं पर श्रेणीबद्ध किया गया है। इस बीच हेलमेट न पहनने की वजह से बरेली में 27, बदायूं में 51, पीलीभीत में चार और शाहजहांपुर में 16 लोगों की मौत हुई। बिना सीट बेल्ट हादसों में बरेली में आठ, बदायूं में 28 और शाहजहांपुर में सात लोगों की मौत हुई। तेज रफ्तार से बरेली में 179, बदायूं में 25, पीलीभीत में 81 और शाहजहांपुर में 13 लोग मरे। गलत दिशा में वाहन चलाने के कारण बरेली में पांच, बदायूं में छह और शाहजहांपुर में नौ लोगों की मौत तीन महीने में हुई। डिवाइडर न होने के कारण बरेली में सात, बदायूं में छह लोगों की मौत हुई। ड्राइवर के नशे में होने पर बरेली में छह और बदायूं में चार लोगों की मौत हुई। सड़क में गड्ढों के कारण बरेली में दो, बदायूं में सात लोगों की मौत हुई। ड्राइविंग करते वक्त मोबाइल पर बात करने में बरेली में चार, बदायूं में तीन और शाहजहांपुर में 11 लोगों की मौत हो गई।
बरेली से जुड़े रास्तों पर सर्वाधिक हादसे
रिपोर्ट में उल्लेख है कि बरेली जिले में अधिकांश सड़क हादसों में हुई लोगों की मौत बरेली से मीरगंज के बीच हुई। बदायूं जिले में अधिकांश घटनाएं बरेली से कासगंज के बीच हुईं। पीलीभीत में ज्यादातर सड़क हादसे बरेली-पीलीभीत-टनकपुर मार्ग पर हुए। वहीं शाहजहांपुर में बरेली मोड़ व कांट रोड हादसों का केंद्र रहा।
मंत्री के बेटे, दरोगा की हो चुकी है मौत
समिति की ओर से जुटाए आंकड़ों में हालिया घटनाओं का जिक्र नहीं है, इनके बारे में जिलों से डाटा तलब किया गया है। बरेली जिले में बड़े हादसे हुए हैं। उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के पुत्र व अल्मोड़ा के आयकर अधिकारी मनोज गुप्ता की मौत फरीदपुर के पास सीतापुर फोरलेन के गड्ढों की वजह से हुई। दो दिन पहले बहेड़ी की सिरसा चौकी के प्रभारी की मौत बाइक के ट्रक में घुसने की वजह से हुई। वे हेलमेट नहीं लगाए थे जिससे सिर की चोट से मौके पर मौत हो गई।
सड़क हादसों में रोज ही कई लोगों की मौत होती है। इसमें अधिकांश घटनाएं यातायात नियमों का पालन न करने की वजह से होती हैं। पुलिस चेकिंग करके कार्रवाई कर रही है पर लोगों को खुद भी नियमों का पालन करने की आदत डालनी चाहिए।
- राजेश कुमार पांडेय, डीआईजी रेंज