सभी 24 चूड़ियां मिलीं साबुत, नथ भी बरामद
हेमलता के साथ बदमाशों की जबरदस्ती का कोई साक्ष्य पुलिस को नहीं मिला है। उसे गोली बिल्कुल सटाकर मारी गई थी। उसके हाथ में 24 चूड़ियां थीं, जो सही सलामत थीं। पोस्टमार्टम के दौरान उसके नाक की नथ और चांदी की अंगूठी भी बरामद हुई, जिसे सील कर दिया गया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर बदमाशों ने लूट के लिए हत्या की तो पूरे जेवर क्यों नहीं लूटे?
बोला- कराटे जानता हूं, मुकाबला किया था
राजकुमार की बातें उसकी कद-काठी और हालात से मेल नहीं खा रही हैं। छह बदमाशों से वह कैसे छूटकर भागा? जैसे सवाल के जवाब में उसने अफसरों को बताया कि वह कराटे जानता है। उसने काफी बहादुरी से बदमाशों का मुकाबला किया। तमंचा भी छीन लिया लेकिन जब बदमाशों ने हेमलता को गोली मार दी तो वह वहां से भाग निकला। उसकी काली शर्ट पर धूल या मारपीट के निशान न होने का वह सही जवाब नहीं दे सका।
दोस्त की बातें भी उलझा रहीं
राजकुमार के दोस्त रामबहादुर से भी पुलिस ने पूछताछ की। रामबहादुर को उसने सबसे पहले कॉल कर घटना बताई थी। रामबहादुर ट्रैक्टर-ट्रॉली पर मिट्टी लाद रहा था। किसी को बताए बगैर वह पैदल ही घटनास्थल की ओर भागा था। यह तथ्य भी अफसरों को चौंका रहा है। आमतौर पर मुश्किल में फंसने के बाद शख्स कई लोगों को कॉल करता है पर रामबहादुर को कॉल करने के करीब सात मिनट बाद उसने दूसरे दोस्त सतीश को कॉल की।