नवाबगंज। सीएचसी अधीक्षक ने पत्नी की अस्पताल में आशा बहुओं को दीपावली के उपहार बांटकर प्रसूताओं को लाने की अपील की। साथ ही प्रसव के बाद मोटा कमीशन देने का लालच दिया। मामले की जानकारी होने पर बार अध्यक्ष ने डीएम से फोन पर शिकायत की। डीएम ने सीएमओ को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। बार अध्यक्ष ने एसडीएम को भी शिकायती पत्र दिया है।
सीएचसी नवाबगंज में डॉ. दिनेश गंगवार चिकित्सा अधीक्षक के पद पर तैनात हैं। कस्बे में ही उनकी पत्नी का निजी अस्पताल है। आरोप है कि शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे चिकित्सा अधीक्षक ने क्षेत्र की आशा बहुओं को पत्नी के अस्पताल में बुलाया और दिवाली के उपहार बांटे। साथ ही आशा बहुओं से प्रसूताओं को प्रसव के लिए पत्नी के अस्पताल में लाने की अपील की। बदले में मोटा कमीशन देने का वादा किया। अस्पताल में बैठक चल ही रही थी कि किसी ने जानकारी बार अध्यक्ष रविंद्र पाल गंगवार को दे दी। बार अध्यक्ष ने मामले की शिकायत डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह से फोन कर की। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ विनीत शुक्ला को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बताते हैं कि जैसी की डीएम से शिकायत होने की जानकारी डॉक्टर को मिली आनन फानन बैठक समाप्त कर आशा बहुओं को अस्पताल से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
सीएचसी में कम पत्नी के अस्पताल में अधिक समय देते है अधीक्षक
बार अध्यक्ष रविंद्र पाल सिंह गंगवार का आरोप है कि डॉक्टर दिनेश सीएचसी में तैनात होने के बावजूद पत्नी के निजी अस्पताल में अधिक समय देते है। वह सीएचसी में आने वाली प्रसूताओं को अपने निजी अस्पताल में प्रसव कराने की सलाह देकर भेज देते है।
नाराज होकर अस्पताल से निकली आशा बहू
दूर दराज गांव से उपहार लेने आई आशा बहुओं को जब चिकित्सक ने बैरंग लौटा दिया तो अस्पताल से निकलते हुए नाराज दिखीं। वहीं नाम न छापने की शर्त पर एक आशा बहु ने बताया कि उपहार में हॉट केस दिए जा रहे थे, लेकिन इसके बदले में उन्हें प्रसूताओं को अस्पताल में भर्ती कराने के नाम सीएचसी से मिलने वाले कमीशन से अधिक देने को कहा गया है।
- अस्पताल मेरी पत्नी का है, वह उसकी मालिक है। अपने अस्पताल में वह क्या करती हैं, इसमें कुछ नहीं कर सकता है। मेरा इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। जो आरोप लग रहे हैं, वह निराधार है। - डॉ. दिनेश गंगवार, सीएचसी चिकित्सा अधीक्षक नवाबगंज
- नवाबगंज मामले की शिकायत मिली है। एक वीडियो मिली है। मामले की जांच कराई जाएगी। मामला सही पाया गया तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. विनीत शुक्ल, सीएमओ
- मामला संज्ञान में आया है। सीएमओ से जांच कराकर रिपोर्ट मांगी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - वीरेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी