चीन में फैले कोरोना वायरस से डरने, घबराने की जरूरत नहीं, सिर्फ सावधानी ही काफी है। डब्ल्यूएचओ ने जारी की रिपोर्ट में इसे आपातकाल की स्थिति नहीं माना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह सांप से फैलने वाला वायरस है।
कहा कि चीन के चार जिलों में इस वायरस का असर है और चीन ने वहां इसे कंट्रोल भी कर लिया है। सभी देशों से कहा गया है कि चीन से आने वाले नागरिकों की स्क्रीनिंग करने की जरूरत है।
चीन में कोरोना वायरस या वुहान वायरस के फैलते संक्रमण के साथ शोधकर्ताओं ने इसका इलाज तलाशना शुरू कर दिया है। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार सांप इस वायरस की उत्पत्ति का मुख्य स्त्रोत हैं।
मुख्य रूप से चाइनीज क्रेट और चाइनीज कोबरा सांपों से इसकी उत्पत्ति मानी जा रही है। ये दोनों बेहद विषैले सांप हैं। यह एलापिड सांप की एक प्रजाति है जोकि सेंट्रल और दक्षिण चीन में पाए जाते हैं।
सी फूड खाने से बचें, कुछ भी खाने से पहले हाथ साफ कर लें
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इस वायरस को 2019-एनकोवी नाम दिया है। वैज्ञानिक ने बताया कि इस पर कई वैज्ञानिक शोध कर रहे हैं। अब तक सामने आई प्रारंभिक रिपोर्ट में 2019-एनकोवी का विस्तृत आनुवांशिक विश्लेषण करके और इसकी विभिन्न भौगोलिक स्थानों के अलग-अलग कोरोना वायरस से तुलना करके यह पाया गया कि यह नया वायरस चमगादड़ों में कोवी के मेल से पैदा हुआ है।
शोधकर्ताओं ने विश्लेषण में पाया कि 2019-एनकोवी के मनुष्यों तक फैलने से पहले सांपों में रहने की आशंका हैं। कहा कि लोग सी-फूड खाने से बचें और कुछ भी खाने से पहले हाथों को अच्छी तरह से साफ कर लें। तेज बुखार आने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
लोगों को इस वायरस से घबराने की नहीं, बल्कि जागरूक और सावधान रहने की जरूरत है। चीन, सिंगापुर, थाईलैंड व अन्य ऐसे देशों से आने वाले देशी-विदेशी लोगों की पर्यटक एयरपोर्ट पर ही स्क्रीनिंग करने की जरूरत है।
- डॉ. एसबीएस मलिक, वरिष्ठ वैज्ञानिक, आईवीआरआई