दो फरवरी से सीएचसी-पीएचसी पर होना था आयोजन, अनुभाग अधिकारी ने वापस लिया आदेश
10-12 स्वास्थ्य केंद्रों ने दवाएं उपलब्ध न होने के चलते आयोजन कराने में जताई थी असमर्थता
बरेली। दो फरवरी से सीएचसी-पीएचसी पर लगने वाला आरोग्य मेला अब नहीं लगेगा। अनुभाग अधिकारी ने सुनील कुमार चौहान ने इसे स्थगित करने संबंधी आदेश स्वास्थ्य अधिकारियों को भेजे हैं। कहा जा रहा है कि स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की उपलब्धता न होने के चलते यह निर्णय लिया गया था क्योंकि 10-12 सीएचसी-पीएचसी आयोजन से हाथ खड़े कर चुके थे। मगर अफसर मेला स्थगित होने के कारणों पर कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।
शासन ने दो फरवरी से हर रविवार को प्रदेश भर के सीएचसी-पीएचसी पर आरोग्य मेला लगाने के निर्देश दिए थे। मगर बरेली में आरोग्य मेला के आयोजन को लेकर सवाल खड़े हो गए। यहां से 48 तरह की एक करोड़ टेबलेट की सप्लाई की डिमांड यूपी मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन को भेजी गई लेकिन दवाओं की आपूर्ति नहीं हो गई। वहीं, सीएचसी-पीएचसी प्रभारी लगातार दवाओं की मांग कर रहे थे। साथ ही 10-12 स्वास्थ्य केंद्रों ने अफसरों को पत्र लिखकर दवाओं के अभाव में मेला आयोजन में असमर्थता जताई थी। अब सोमवार को चिकित्सा विभाग के प्रभारी अनुभाग अधिकारी सुनील कुमार चौहान ने आरोग्य मेला स्थगित करने संबंधी आदेश जारी किया है। हालांकि उनके पत्र में मेला रद्द करने का कारण नहीं बताया गया है लेकिन कहा जा रहा है कि सीएचसी-पीएचसी पर दवाओं की कमी के चलते ही यह निर्णय लिया गया है।
इन दवाओं की है कमी
दर्द निवारक और एंटीबायोटिक दवाएं, सूजन में काम आने वाली एसिलोफेनिक और डिक्लोफेनिक टेबलेट की आपूर्ति नहीं की गई है। बच्चों की एंटीबायोटिक सिरप एमॉक्सीसिलीन, दस्त का सीरप मेट्रोनिडाजोल भी नहीं है। तमाम सीएचसी-पीएचसी पर तो बुखार की पैरासीटामोल तक नहीं है।
आरोग्य मेला में मिलनी थीं यह सुविधाएं
शासन के निर्देशानुसार आरोग्य मेला में ओपीडी सेवाएं, टीबी, मलेरिया, डेंगू, दिमागी बुखार, कालाजार, डायरिया व कुष्ठ रोग संबंधी आवश्यक जांच और उपचार, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मुख स्तन और सर्वाइकल कैंसर, ईसीजी, हृदय रोग की स्क्रीनिंग आदि की जानी थी। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना अभियान की जानकारी, पात्र लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड वितरण, गर्भावस्था और प्रसवकालीन परामर्श सेवाएं, संस्थागत प्रसव और एनीमिया संबंधी जागरूकता, नवजात शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा सेवा, टीकाकरण, परिवार नियोजन संबंधी सुविधाएं, बच्चों में डायरिया, निमोनिया, एनीमिया के उपचार समेत सभी आधारभूत जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने का आदेश जारी किया था।
शासन से फिलहाल आरोग्य मेला का आयोजन न करने का आदेश मिला है। आयोजन क्यों स्थगित हुआ, इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। जब नया आदेश मिलेगा तो मेले का आयोजन किया जाएगा।
- डॉ. विनीत कुमार शुक्ल, सीएमओ