सुबह पहुंचे परिजन ने काटा हंगामा तो सीएमएस ने फिर सेे कराया भर्ती
चाकू से घायल महिला को शुक्रवार रात पति ने इमरजेंसी में कराया था भर्ती
बरेली। जिला अस्पताल में डॉक्टरों की मनमानी और लापरवाही का रोजाना ही कोई न कोई मामला सामने आ रहा है। कभी पैंट के ऊपर ही पट्टी बांधकर मरीज को रेफर करना तो कभी कई बार फोन करने पर भी एंबुलेंस का न पहुंचना, ऐसे मामले हैं जो चिकित्सा जैसे पवित्र पेशे पर बदनुमा दाग लगा रहे हैं। शनिवार रात तो हद ही हो गई। डॉक्टरों ने चाकू से हमले में घायल महिला को रात 11 बजे अस्पताल से बाहर निकाल दिया। उसकी मां रोती-गिड़गिड़ाती रही। डॉक्टरों को इंसानियत का वास्ता देकर इलाज की गुहार लगाती रही, लेकिन उसकी एक न सुनी गई। ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने अभद्रता करतेे हुए फाइल भी फेंक दी।
बारादरी थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले की विवाहिता को उसके पति ने शुक्रवार देर रात गंभीर रूप से घायल अवस्था में जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया था। उसके गले और सिर पर चाकू के कई जख्म थे। महिला पर हमला उसके भाई के साले ने अपने दो साथियों के साथ दुष्कर्म करने में असफल रहने पर किया था। इमरजेंसी में उसका इलाज किया गया। शनिवार सुबह 10 बजे डॉक्टरों ने घायल महिला को बेहोशी की हालत में ही परिजन को बताए बिना डिस्चार्ज कर दिया। उसकी मां ने बताया कि शनिवार रात करीब 11 बजे नर्स के साथ एक डॉक्टर उनके पास आए और कहने लगे कि तुम मरीज को लेकर अब तक क्यों नहीं गईं। इस पर मां ने कहा कि बेटी की हालत गंभीर है। उसे अभी तक होश भी नहीं आया है। उसे इलाज की जरूरत है। इस पर डॉक्टर ने अभद्रता करते हुए फाइल फेंक दी। जबरन उनकी घायल बेटी को इमरजेंसी से बाहर निकाल दिया। इसके बाद मां ने अपनी घायल बेटी को सीएमएस कार्यालय के बाहर सड़क पर चादर बिछाकर लिटा दिया। रात भर जाड़े में दोनों खुले आसमान के नीचे पड़ी रहीं। सुबह परिजन और अन्य लोग पहुंचे तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। सीएमएस डॉ. टीएस आर्या से शिकायत की तो डॉक्टरों ने रविवार दोपहर करीब 12 बजे उसे दोबारा भर्ती कर इलाज शुरू किया।
शनिवार को नहीं किया इलाज
घायल की मां का आरोप है कि शुक्रवार की रात इमरजेंसी में भर्ती करते समय उसकी बेटी की मरहम-पट्टी की गई। उसे उसी समय इंजेक्शन और दवा दी गई, लेकिन उसके बाद शनिवार को पूरे दिन डॉक्टरों ने कोई दवा नहीं दी। उनसे कहा भी तो कह दिया गया कि अब इलाज की कोई जरूरत नहीं है, जबकि उस वक्त भी बेटी बेहोश थी।
पुलिस पर आरोपियों से सांठगांठ का आरोप
घायल की ओर से आरोपियों के खिलाफ शुक्रवार की रात बारादरी थाने में तहरीर दी गई लेकिन अभी तक मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। घायल की मां का आरोप है कि पुलिस ने मामले में आरोपियों से सांठगांठ कर ली हैं, इसलिए न तो उसकी बेटी की डॉक्टरी कराई गई और न ही उसकी रिपोर्ट दर्ज कर रही है।
रविवार को अवकाश के चलते कार्यालय नहीं गया था। मामला संज्ञान में आने पर घायल महिला को भर्ती कर उसका इलाज शुरू करा दिया गया है। डॉक्टर के व्यवहार और उसे बेहोशी की हालत में इमरजेंसी से बाहर निकालने के आरोपों की जांच कराई जाएगी। - लापरवाही की जांच करायी जाएगी।
- डॉ. टीएस आर्या, सीएमएस।