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कूड़ेदान से मेडिकल बायो वेस्ट हटाया और जमीन पर फैलाया

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बरेली। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के आगमन की आहट के बावजूद जिला अस्पताल में व्यवस्था सुधरने के बजाय और ‘भयावह’ होती जा रही हैं। अस्पताल के विभिन्न यूनिटों और वार्डों से मेडिकल बायो वेस्ट का समुचित निस्तारण के बजाय उसे परिसर में फैला दिया गया है। बुधवार को अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर के पीछे की रोड पर बिखरा मेडिकल बायो वेस्ट तीमारदारों और मरीजों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। हालांकि, इस दौरान अस्पताल के स्टाफ की आवाजाही जारी रही, पर शाम तक बायो वेस्ट को रोड से हटाया नहीं गया।
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जिला अस्पताल परिसर में तमाम निर्देशों के बावजूद व्यवस्था सुधरने में नहीं आ रही। वार्डों से निकलने वाला बायो मेडिकल वेस्ट अस्पताल की ओटी के पीछे फेंका जा रहा है। इसमें ग्लूकोज की प्लास्टिक की बोतलें, आईवी सेट, सिरिंज, इंजेक्शन समेत ब्लड सैंपल ट्यूब्स आदि शामिल हैं। चल रहे संचारी रोग नियंत्रण माह के बावजूद जिला अस्पताल परिसर में खुले में फेंके गए मेडिकल बायो वेस्ट का उचित निस्तारण न होना स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। भारी मात्रा में फेंके जा रहे बायो वेस्ट से इमरजेंसी में पहुंच रहे तीमारदारों और मरीजों का इस वेस्ट के संपर्क में आने से इंफेक्शन समेत अन्य गंभीर बीमारियों की चपेट में आने की आशंका है।
बता दें कि जिला अस्पताल प्रशासन ने प्रत्येक वार्ड में तीन रंग के अलग-अलग कूडे़दान रखवाए हैं। संबंधित मामले पर सीएमएस डॉ. टीएस आर्या को कॉल की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
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‘बीमारियों’ का हुआ ‘इलाज’
ऊर्जा मंत्री के निरीक्षण के बाबत बुधवार को जिला अस्पताल प्रशासन खामियों को दूर करने में व्यस्त रहा। अमर उजाला की ओर से मंगलवार को अस्पताल की अव्यवस्था की खबर प्रमुखता से प्रकाशित करने के बाद परिसर में जगह-जगह इकट्ठे कचरे के ढेर हटाए गए। बारिश से अस्पताल में जलभराव रोकने के लिए सीवर और नालियों की सफाई कराई गई।

आरओ का बंद गेट खुला
शाम ढलते ही अस्पताल में काउंटर के पास लगाए गए आरओ का बंद किया जा रहा दरवाजा बुधवार को खोल दिया गया। साथ ही आरओ के पास पेड़ों की छंटाई के बाद फेंकी गई टहनियां और अन्य गंदगी को साफ करा दिया गया है। साथ ही एडीएसआईसी कार्यालय के पास बैरीकेडिंग बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है।

पुलिस नहीं करती है सहयोग
अस्पताल परिसर में बढ़ती चोरी, तीमारदार और डॉक्टरों के बीच हाथापाई जैसी ही अन्य घटनाओं को रोकने के लिए अस्पताल में ही पुलिस चौकी बनाई गई है, लेकिन अस्पताल प्रशासन का आरोप है कि पुलिस व्यवस्था सुधारने में सहयोग नहीं कर रही। इस बाबत कई बार शिकायती पत्र भी पुलिस के उच्चाधिकारियों को लिखा गया है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक आरओ का दरवाजा बंद नहीं किया जाता है, लेकिन यहां पर कई तीमारदार व अन्य नशेड़ी बैठकर शराब पीते हैं। इसलिए शाम को दरवाजा बंद कर दिया जाता है। हालांकि, उन्होंने आगे से आरओ के पास शराब आदि का सेवन करने वालों को पकड़कर पुलिस को सौंपने की बात कही है।
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