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रिश्वत न देने पर अस्पताल से भगाया, रास्ते में हुआ प्रसव

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बरेली। घूस में पांच हजार रुपये नहीं दिए तो क्योलड़िया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ ने एक गर्भवती महिला को प्रसव कराने के बजाय अस्पताल से भगा दिया। दूसरे अस्पताल जा रही महिला का रास्ते में खुद ही प्रसव हो गया लेकिन शरीर पर चोटों की वजह से नवजात की जान नहीं बच सकी। इस मामले में शिकायत के बाद सीएमओ ने एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम को जांच के निर्देश दिए हैं।
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नवाबगंज के गांव कुंवरपुर दान कुंवर में रहने वाली कीर्ति देवी ने सीएमओ से शिकायत की है कि नौ अगस्त को वह प्रसव के लिए क्योलड़िया अस्पताल गई थीं। वहां मौजूद डॉक्टर और नर्स ने सामान्य प्रसव कराने की बात कहते हुए पांच हजार रुपये की मांग की। यह रकम देने से इनकार करने पर उन्होंने प्रसव कराने साफ मना कर दिया। इस पर उनके पति शैलेंद्र ने कहीं से इंतजाम करके दो हजार रुपये उन्हें दिए। बाकी तीन हजार रुपये भी देने की बात कही। काफी कोशिश के बाद भी तीन हजार रुपये का इंतजाम नहीं हो पाया तो अगले दिन सुबह करीब 6.30 बजे डॉक्टर और नर्स ने उन्हें अस्पताल से निकाल दिया और उनके पति से जबरन अपनी मर्जी से छुट्टी कराने की बात भी लिखवा ली। उनके कहने पर भी जिला अस्पताल रेफर नहीं किया।
कीर्ति देवी का कहना है कि अस्पताल से कुछ दूर ही रास्ते में उनका प्रसव हो गया, पैदा हुई बच्ची के सिर के साथ शरीर में भी कई चोट थीं। कीर्ति का आरोप है कि अस्पताल में उनका लापरवाही से पेट दबाने के कारण ये चोटें आई थीं। इसी वजह से 16 अगस्त को उसकी मौत हो गई। कीर्ति की शिकायत पर सीएमओ ने एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम को जांच के आदेश दिए हैं।
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महिला की शिकायत के आधार पर आरोपों की जांच शुरू कर दी गई है। जल्द ही जांच रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी जाएगी। - डॉ. रंजन गौतम, एसीएमओ
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