बरेली/भमोरा। बुखार की चपेट में आने से अब तक 63 लोगों की सांसें थम चुकी हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अफसर बुखार के बजाय अन्य वजहों से मौत होने का दावा कर रहे हैं। इन्हीं दावों के बीच शुक्रवार को बुखार से पीड़ित एक और छात्रा को इलाज न मिलने से मौत हो गई। मामले पर अधिकारियों ने इस मौत को भी नकारा है। साथ ही, बुखार से मौत होने की पुष्टि की मांग की है।
भमोरा के ग्राम कुसारी निवासी मुनेन्द्र सिंह की 14 वर्षीय बेटी आकांक्षा गांव के स्कूल में कक्षा चार की छात्रा है। पिछले चार दिनों से वो बुखार से पीड़ित थी। परिजनों ने पड़ोस के डॉक्टरों से इलाज करा रहे थे। शुक्रवार को अचानक हालत ज्यादा बिगड़ने पर उसे शहर के अस्पताल लेकर परिजन भागे लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। बेटी की मौत से घर में कोहराम मच गया। मामले पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने मौत के बाबत संबंधित डॉक्टर की जांच रिपोर्ट मांगी है। ताकि मौत की वजह बुखार है या नहीं इसकी पुष्टि हो सके।
सीएमओ की स्पेशल टीम कर रही खानापूर्ति
सिरौली। संचारी रोग नियंत्रण माह के तहत सीएमओ की ओर से संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए गठित टीम कैंप लगाने के नाम पर महज खानापूर्ति कर रही है। शुक्रवार को टीम डॉ. आरिफ के नेतृत्व में रामनगर के गांव व्योधन खुर्द में पहुंची। महज औपचारिक रूप से कैंप लगाया और घंटे भर बीतते उससे पहले ही ये टीम वहां से चली गई। जबकि आदेश हैं कि शाम पांच बजे तक रह कर ग्रामीणों को दवा देनी है।
जिला अस्पताल में बढ़े बुखार के मरीज
जिला अस्पताल में बुखार पीड़ितों के भर्ती होने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को यह आंकड़ा 50 पार हो गया, इसमें जानलेवा बुखार फैल्सीपेरम के 17 मरीज भर्ती हैं। सीएमएस डॉ. टीएस आर्या ने बताया कि बुखार पीड़ितों की बढ़ रही तादाद के चलते बेड कम पड़ रहे हैं। इस पर सीडीओ ने नया वार्ड बनाने को निर्देशित किया है। बताया कि तीन दिन में बुखार का नया वार्ड तैयार हो जाएगा। यहां सामान्य फीवर के मरीज शिफ्ट किए जाएंगे।