सकलैन मियां के आखिरी दीदार को उमड़े मुरीद
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चार साल की उम्र में इनके दादा शराफत अली मियां इन्हें ककराला से बरेली स्थित खानकाह शराफतिया ले आए और यहां उनकी तालीम शुरू हुई। 12 वर्ष की उम्र में उनके पिता हजरत सूफी शाह शुजाअत अली मियां का विसाल हो गया और इन्हें 17 वर्ष की उम्र में शराफत मियां ने अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया था। दरगाह के मीडिया प्रभारी हमजा सकलैनी ने बताया कि 1969 में पीरो मुर्शिद हजरत शाह शराफत मियां के विसाल के बाद सकलैन मियां सज्जादानशीन बने थे।
सपा नेता मोहम्मद कलीमुद्दीन ने बताया कि सकलैन मियां दुनिया से रुखसत हो गए। उनकी कमी को पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने अल्लाह की रजा के लिए खिदमत-ए-खल्क की। आस्ताने पर आने वाले जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा लंगर चलता रहा।
जनाजे में शामिल होंगे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष व सचिव
कांग्रेस जिलाध्यक्ष मिर्जा अशफाक सकलैनी ने बताया कि रविवार को सकलैन मियां के जनाजे में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और प्रदेश सचिव तौकीर आलम भी शामिल होंगे।
300 पुलिसकर्मी तैनात
सकलैन मियां के जनाजे की नमाज को लेकर पुलिस अलर्ट है। 300 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है, जिनमें से कुछ छतों पर भी तैनात रहेंगे। तीन थाना प्रभारियों की भी तैनात की गई हैं। कुतुबखाना इलाके में स्थित दरगाह से इस्लामियां कॉलेज तक पुलिस को मुस्तैद किया गया है। एसपी सिटी ने बताया कि एमबी इंटर कॉलेज, बरेली कॉलेज और माल गोदाम को पार्किंग स्थल बनाया गया है।