अभिनेता सलमान खान की फिल्म सुल्तान और आमिर खान की दंगल फिल्म ने कुश्ती की तरफ युवाओं को बच्चों का रुझान बढ़ाया है। इन्हीं स्टारों को रोल मॉडल मानकर देश भर की तमाम बेटियां भी घरों से निकलकर अखाड़ों में आकर कुश्तियों का दांव सीखने लगीं। दंगल फिल्म के मां के पेट से मरघट तक है तेरी कहानी पग पग प्यारे दंगल..दंगल जैैसे गीतों ने इन नए पहलवानों भी जोश भरा है। अपने शहर के अखाड़ों इन फिल्मों से प्रेरणा लेकर काफी बच्चे कुश्ती से जुड़े हैं। हरियाणा में तो बेटों के साथ बेटियां भी कुश्ती के लिए घरों से निकल रही हैं। वे यहां जोगीनवादा रामलीला मेला वनखंडी मंदिर के बहाने तुलसी मैदान में हो रही कुश्ती में भी जौहर दिखाने आ रही हैं। दंगल 30 सितंबर तक चलेगा। लड़कियों की कुश्ती 27 से शुरू होंगी। इसमें कुरुक्षेत्र से रूबी पहलवान और पंजाब से गुरुप्रीत सिंह कुश्ती लड़ने के लिए आ रही हैं।
आमिर और सलमान रोल मॉडल बनाए
-सुल्तान और दंगल फिल्मों से प्रेरणा लेने के बाद तमाम बच्चों ने अखाड़ा ज्वाइन किया है। हमारे यहां अन्नू, मुजाहिद, आसे आलम, अरविंद और शिवम समेत करीब 15 नए बच्चे कुश्ती के गुर सीखने आ रहे हैं। - पप्पू पहलवान, प्रमुख, गुलाब अखाड़ा, बरेली
कुश्ती के लिए नौकरी छोड़ दी
दंगल फिल्म ने हरियाणा में बहुत युवकों को कुश्ती से जोड़ा है। मैने खुद कुश्ती के लिए बीएसए की नौकरी छोड़ दी है। हमारे उस्ताद के अखाड़े में 15 लड़कियां कुश्ती के दांव सीख रही हैं। -सोखिंदर सिंह, प्रमुख, पानीपत अखाड़ा
कुश्ती में देश के लिए खेलना है
-कुश्ती के लिए पिता का कोई दबाव नहीं है। मैने अपनी इच्छा से कुश्ती के दांव सीखने शुरू किए हैं। घर में बेटा और अखाडे़ में चेले की तरह रहता हूं। दंगल और सुल्तान ने मुझे बहुत प्रेरणा दी है- साहिल पहलवान बेटा सोखिंदर
हरियाणा के साहिल ने तौसीफ को चित कर दिया
बरेली।
सोमवार को दोपहर दो बजे विश्वविद्याल के सामने तुलसी मैदान में वनखंडी नाथ मंदिर के महंत श्री कुवारानंद जी महाराज और मेला अध्यक्ष सुरेश ने हनुमान जी की प्रतिमा के आगे दीप जलाकर विराट कुश्ती दंगल का शुभारंभ किया। हरियाणा के पानीपत से आए 14 वर्षीय साहिल पहलवान ने बरेली के तौसीफ को चित कर दिया।
दंगल में पानीपत के सोखिंदर सिंह और बरेली गुलाब अखाड़े के पहलवानों के बीच नौ कुश्तियां हुईं। अखाड़ा के सोखिंदर के बेटे साहिल ने दो कु श्तियां लड़ी। एक कुश्ती साहिल ने अपने पिता से सीखे दांव का इस्तेमाल करके जीत ली। दूसरी कुश्ती उनसे अपने से ज्यादा उम्र के पहलवान से लड़ी, लेकिन डटकर मुकाबला किया। साहिल की कुश्ती बराबर में छूट गई।
पानीपत के काला पहलवान और बरेली के उस्मान के बीच कुश्ती हुई। दिल्ली के सुमित से बरेली के मुजाहिद ने कुश्ती लड़ी। पानीपत के साहिल पहलवान से अरविंद सिंह कुश्ती हुई। तीनों कुश्ती बड़ी दिलचस्प रहीं और बराबर से छूट गईं। पानीपत के सोखिदर और गाजीपुर के कृष्णा पहलवान की कुश्ती बराबर छूटी। उत्तराखंड के प्रवीन ने बदायूं के इंद्रपाल को, बरेली के एहसान ने यहीं के ही अन्नू पंडित को, पानीपत(हरियाणा) के साहिल पहलवान ने बरेली के तौसीफ को, बरेली के परमीत ने बरेली के ही यूनुस को, तौफीक ने बदायूं के सुमित को पटखनी देकर चित कर दिया। कमेटी के धर्मवीर सिंह, हरप्रसाद राठौर, विश्राम सिंह, ताराचंद आदि पहलवानों को पहलवानो को पुरष्कार देकर सम्मानित किया।