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हरियाणा और पंजाब सरकार के गेहूं की बरेली में कालाबाजारी

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बरेली। सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी रोकने में सिस्टम नाकाम साबित हो रहा है। बरेली में पंजाब और हरियाणा सरकार के गेहूं की कालाबाजारी पकड़ी गई है। जिलाधिकारी के निर्देश पर पूर्ति निरीक्षक ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है। प्रकरण में डीएम ने जीएसटी विभाग को भी पत्र लिखा है। पंजाब, हरियाणा सरकार को भी पत्र भेजने की तैयारी है।
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पूर्ति निरीक्षक ललित श्रीवास्तव की तहरीर पर थाना इज्जतनगर में रिपोर्ट दर्ज हुई है। इसके अनुसार छह मई को अहलादपुर चौकी के पुलिसकर्मियों ने एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में सरकारी खाद्यान्न पकड़ने जाने की सूचना दी थी। आपूर्ति लिपिक रविकांत गौरव के साथ वह चौकी पर पहुंचे और प्रकरण की जांच की। बगैर नंबर प्लेट के ट्रैक्टर-ट्रॉली में गेहूं के 16 कट्टे लदे थे। प्रत्येक बोरे में 50 किलो गेहूं भरा था। बोरोें पर ‘गवर्नमेंट ऑफ पंजाब, वर्ष 2021-22’ और ‘गवर्नमेंट ऑफ हरियाणा’ का छापा था। वाहन के साथ सीबीगंज जौहरपुर के जितेंद्र गुप्ता और बदायूं दातागंज के सनोज को पकड़ा गया।
पूछताछ में दोनों ने बताया कि उन्होंने रसुइया स्थित गोदाम से सरकारी गल्ला लेकर आने ट्रकों सेे गेहूं खरीदा है। ट्रक नंबर, मालिक और ड्राइवर के नाम की वे जानकारी नहीं दे सके। दोनों आरोपियों ने सरकारी खाद्यान्न की अवैध खरीद फरोख्त की बात स्वीकार की। खाद्यान्न को वाहन समेत पुलिस चौकी इंचार्ज अहलादपुर की अभिरक्षा में सौंपा है। दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज करके उन्हें जेल भेजा गया है।
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आठ सौ रुपये क्विंटल खरीदा था गेहूं
आरोपी जितेंद्र गुप्ता और सनोज ने लिखित बयान दिया कि वे ट्रक चालकों से आठ सौ रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से गेहूं खरीदते हैं और उसे यहां के बाजार में वर्तमान दर पर बेच देते हैं। एक ट्रक से अधिकतम तीन कट्टा गेहूं खरीदते हैं। 16 कट्टा गेहूं पांच ट्रकों से विलयधाम के पास खरीदा था। छह मई को जब वह कट्टे लेकर आ रहे थे तभी कुछ लोगों ने उन्हें रास्ते में रोककर सरकारी गल्ले की अवैध खरीद और कालाबाजारी की बात कहकर पुलिस को सूचना दे दी थी।
कहां, कैसे हो रहा है खेल, जीएसटी विभाग लगाएगा पता
जिला पूर्ति अधिकारी नीरज सिंह ने बताया कि प्रकरण में जिलाधिकारी की ओर से गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) विभाग को पत्र लिखा गया है। उन्होंने दूसरे राज्य के गेहूं की बरेली में होने वाली आपूर्ति के संबंध में गहन जांच करने को कहा है। ताकि यह पता चल सके कि गेहूं कहां से, कैसे आया और कौन-कौन इसमें लिप्त हैं। बगैर जिला प्रशासन की एनओसी के अन्य किसी प्रदेश के गेहूं की खरीद फरोख्त नहीं की जा सकती है। अगर ऐसा हो रहा है तो जो भी दोषी मिलेंगे उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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