फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: मुकदमों के शतक की ओर गुलाटी, गिरफ्तारी से बचने के लिए गुर्गे खेल रहे पैंतरे

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले कैनविज कंपनी के मालिक कन्हैया गुलाटी और उसके गैंग पर जिले में ही 60 मामले दर्ज हो चुके हैं। एक-एक मामले में कई-कई पीड़ित हैं। कोर्ट से नए मामले दर्ज होने के आदेश थानों के रिकॉर्ड रूम में पड़े हैं। गुलाटी गैंग जल्द ही मुकदमों का शतक पूरा कर सकता है। हिस्ट्रीशीटर गुलाटी या उसका कोई गुर्गा गिरफ्तार नहीं हो सका है। अब गुर्गों ने बचाव के रास्ते बनाने शुरू कर दिए हैं।
विज्ञापन

एसपी यातायात के नेतृत्व वाली एसआईटी गुलाटी गैंग पर दर्ज मामलों की जांच कर रही है। अधिकतर मामलों में सात साल से कम सजा वाली धाराएं होने के कारण पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी से बच रही है। कन्हैया गुलाटी के गुर्गे खुलेआम शहर में घूम रहे हैं। अब गुर्गे भी ठगी का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज कराने लगे है। जो पहले कन्हैया गुलाटी के साथ टीम बनाकर दिन-रात वसूली में जुटे रहते थे, अब मामला बिगड़ता देख खुद को पीड़ित दिखाने का प्रयास करने लगे हैं। निवेशकों ने गुलाटी के साथ उसके खास गुर्गों को कई केस में नामजद कराया है।
कानूनी दांवपेच से लाभ लेने की कोशिश
गुलाटी के साथ कई एफआईआर में नाम आने पर गुर्गों ने नया पैंतरा खेला है। गुलाटी पर ठगी का आरोप लगाकर मामले दर्ज कराए हैं, ताकि कानूनी दांवपेच में उनको लाभ मिल सके। वहीं पुलिस दर्ज कराए गए सभी मामलों की समीक्षा कर रही है। कन्हैया गुलाटी के साथ जिन परिजनों और गुर्गों को नामजद कराया गया है, पुलिस उनकी भी हिस्ट्रीशीट खोल सकती है। ठगी की रकम से संपत्ति जुटाने के कारण पुलिस इनका गैंगचार्ट भी बना सकती है। फिलहाल गुलाटी गैंग के सदस्यों की गिरफ्तारी न होने से निवेशकों में निराशा है।
विज्ञापन


ठगी से पहले बचने के लिए बनाए रास्ते
गुलाटी गैंग ने ठगी करने से पहले ही बचाव का रास्ता तैयार कर लिया था। कैनविज के अलावा अन्य नामों से कंपनियां बनाईं। गुर्गों को जोड़कर विभिन्न स्कीमों में निवेश कराया गया। जब बड़ी रकम जमा हो गई तो उसे विदेश और दूसरे राज्यों में लगा दिया गया। कंपनी के खातों को भी खाली कर दिया गया। बताया जा रहा है कि कन्हैया गुलाटी ने बड़ी रकम खाड़ी देशों में निवेश की है। गुलाटी ने कार्रवाई शुरू होने से पहले ही तैयारी कर ली थी। इसलिए एसआईटी भी गुलाटी गैंग की संपत्ति चिह्नित नहीं कर पा रही है।

कन्हैया लाल गुलाटी की गिरफ्तारी व अन्य संभावित कार्रवाई के लिए काम किया जा रहा है। ये भी संज्ञान में आया है कि गुलाटी के कई सहयोगियों ने खुद को पीड़ित बताकर रिपोर्ट करा दी है। ऐसे लोगों की विवेचना के दौरान छंटाई हो जाएगी। उनके खिलाफ पहले से दर्ज मामलों में कार्रवाई होगी। - मोहम्मद अकमल खान, एसआईटी प्रभारी
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें