बरेली। बारिश के सीजन में मरीजों में लेप्टोस्पायरोसिस और स्क्रब टाइफस के लक्षण मिल रहे हैं। लिहाजा, ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचने वाले संदिग्ध मरीजों की जांच के निर्देश स्वास्थ्य विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को एडवाइजरी भेजी है।
लेप्टोस्पायरोसिस और स्क्रब टाइफस के लक्षण वाले मरीज मिलने पर भी जांच शुरू न होने की खबर तीन दिन पूर्व अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी। प्रकरण का संज्ञान लेकर सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने आईडीएसपी सेल प्रभारी डॉ. मीसम अब्बास से संबंधित जांच के लिए किट की उपलब्धता अन्य जानकारी मांगी थीं।
शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से संबंधित सरकारी, निजी अस्पताल समेत स्वास्थ्य केंद्रों को शासन से जारी एडवाइजरी भेजकर संदिग्ध लक्षण वाले मरीजों की जांच के लिए कहा है। सैंपल की जांच जिला अस्पताल में होगी।
डॉ. मीसम के मुताबिक, पिछले वर्ष लेप्टो के चार और स्क्रब टाइफस का एक मरीज मिला था। बताया कि यह रोग चूहे, छछूंदर से फैलता है। जिन स्थानों पर जलभराव होता है, वहां लोगों के चपेट में आने की आशंका रहती है। क्योंकि पानी में वायरस लंबे समय तक जीवित रहता है। ब्यूरो
576 पहुंची मलेरिया के मरीजों की तादाद
बरेली। बारिश के बाद जलभराव से मच्छरों के लार्वा पनपने के लिए अनुकूल माहौल बना है। इसी के साथ मलेरिया के मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। विशेष संचारी रोग की चल रही मुहिम के बावजूद शुक्रवार को मलेरिया के चपेट में आने वाले मरीजों की संख्या 576 पहुंच गई। जिला मलेरिया अधिकारी सत्येंद्र कुमार ने लोगों से जलनिकासी की व्यवस्था करने, झाड़ियों की सफाई करने की अपील की है। ब्यूरो