बरेली। कोरोना संक्रमित गर्भवती महिला का मंगलवार को अंतिम संस्कार कोविड-19 की गाइडलाइन के तहत किया जाना था। मगर, इसमें पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही सामने आई है। परिजन ने आंवला में ही अंतिम संस्कार की मंजूरी जिला प्रशासन से मांगी थी, लेकिन अनुमति नहीं दी गई। इस पर संजयनगर स्थित श्मशान भूमि पर परिजन ने बिना पीपीई किट पहने ही अंतिम संस्कार कर दिया।
सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल ने प्रशासन को कोरोना संक्रमित मृतक महिला का अंतिम संस्कार कोविड-19 की गाइडलाइन के तहत कराने के लिए सूचित किया था। इसके बाद निजी मेडिकल कॉलेज से महिला का शव दोपहर में एंबुलेंस से श्मशान भूमि ले जाया गया। आरोप है कि एंबुलेंस चालकों ने शव को जमीन पर रख दिया। इसके बाद वहां मौजूद मृतक के तीन परिजन किसी तरह शव को श्मशान भूमि के अंदर ले गए। इस कवायद में दो लोगों की पीपीई किट फट र्गइं। इस दौरान सीओ आंवला, एसडीएम और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद थी। पीपीई किट फट जाने पर अंतिम संस्कार की सारी रस्में पति ने सिर्फ मास्क पहनकर पूरी कीं। वह श्मशान भूमि में जगह-जगह घूमता रहा। लोगों के वाहनों पर भी बैठ गया। साथ आए लोगों ने घोर लापरवाही दिखाते हुए अपनी पीपीई किट भी चिता में डाल दी।
अफसरों पर हावी रहा कोरोना का खौफ
आंवला की कोरोना संक्रमित मृतक महिला के शव के साथ एसडीएम और सीओ भी आए थे। शमशान भूमि पहुंचकर अधिकारियों ने इंस्पेक्टर किला को मौके पर फोन कर बुलाया लेकिन अंतिम संस्कार होने तक इंस्पेक्टर शमशान भूमि नहीं पहुंचे। पीपीई किट को चिता में जलाने पर लोगों ने अफसरों से बात की तो वे कोई जवाब दिए बगैर ही आगे बढ़ गए।
केजीएमयू से आई 17 जांच रिपोर्ट, सभी निगेटिव
बरेली। कई दिन बाद मंगलवार को केजीएमयू से राहत भरी रिपोर्ट आई। इस पर स्वास्थ विभाग के अफसरों ने राहत की सांस ली है। जिला सर्विलांस अधिकारी एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि केजीएमयू से देर शाम 17 सैंपल की रिपोर्ट आई, मगर इसमें कोई भी पॉजिटिव नहीं थी। बताया कि आईवीआरआई में अभी टेस्ट किट न होने से वहां जांच नहीं हो पा रही हैं। किट आने पर सैंपल आईवीआरआई भेजे जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, कंटेन्मेंट जोन में 80 टीमों ने सघन अभियान चलाया। इस दौरान 4434 घरों का सर्वे किया गया। इनमें 22170 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। वहीं, तीन सौ बेड के अस्पताल में दो टीमों ने कुल 410 लोगों की स्क्रीनिंग की। संदिग्ध मिले 183 लोगों के सैंपल लिए गए। ब्यूरो
निजी लैब की रिपोर्ट में बाप-बेटे मिले संक्रमित
बरेली। मंगलवार देर रात 11 बजे निजी लैब से मिली रिपोर्ट में अनुपम कॉलोनी निवासी पिता-पुत्र में संक्रमण की पुष्टि हुई है। दोनों को कोविड-19 अस्पताल में भर्ती किया गया है। उनका सैंपल क्रॉस चेकिंग के लिए केजीएमयू भेजा जाएगा। जिला सर्विलांस अधिकारी एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम के मुताबिक, सुभाषनगर के अनुपम कॉलोनी में रहने वाले बुजुर्ग की कई दिन से तबीयत खराब थी। वह शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे। एहतियातन बुजुर्ग और उसकी तीमारदारी कर रहे बेटे के सैंपल जांच के लिए निजी लैब भेजे गए थे। मंगलवार को रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। बताया युवक को रेलवे कोविड-19 अस्पताल और उसके पिता को एक निजी मेडिकल कॉलेज में आइसोलेट कराया गया है। दोनों का सैंपल केजीएमयू जांच के लिए भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने पर ही आगे की कार्रवाई होगी। एहतियातन अस्पताल के स्टाफ को क्वारंटीन कराया गया है। ब्यूरो
सीएमओ ने किया तीन सौ बेड अस्पताल का निरीक्षण
बरेली। तीन सौ बेड अस्पताल में एसिम्टोमैटिक मरीजों को भर्ती करने की तैयारियों का मंगलवार को सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल ने जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल में व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया। साथ ही, वहां पर बेड लगा रहे कर्मचारी को बेड में उचित दूरी बनाकर रखने की हिदायत दी गई। अकेले ही बेड लगाने की वजह से उसके हाथ में जख्म हो गया था। जिस पर सीएमओ ने अन्य स्टाफ को भी तत्काल उसकी मदद के निर्देश दिए गए। बताया कि अभी अस्पताल में मरीज आने में देरी है। रेलवे और बिथरी के अस्पताल के बेड भरने के बाद ही यहां पर मरीज आइसोलेट किए जाएंगे। ब्यूरो
बगैर रेडियोलॉजिस्ट चल रहे अल्ट्रासाउंड सेंटर पर कार्रवाई
बरेली। नियमानुसार बगैर रेडियोलाजिस्ट के अल्ट्रसाउंड सेंटर का संचालन नहीं हो सकता है। मगर, जिले के तमाम सेंटर बगैर रेडियोलॉजिस्ट के ही चल रहे हैं। मामलेग की जानकारी होने पर अब स्वास्थ्य विभाग ने नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। सीएमओ ने अल्ट्रसाउंड सेंटर की जांच के निर्देश दिए हैं। जानकारी के मुताबिक मीरगंज के साईं डायग्नोस्टिक सेंटर की मशीन का पंजीकरण दूसरे शहर के एक रेडियोलाजिस्ट डॉक्टर के नाम पर है। उन्होंने ही कुछ दिन पहले सीएमओ कार्यालय में सूचना दी थी कि वह अब वहां काम नहीं कर रहे फिर भी सेंटर चल रहा है। मीरगंज के ओम लाइफ, फतेहगंज पश्चिमी के ओम लाइफ सेंटर की भी शिकायत मिली थी जिस पर सीएमओ ने सभी को नोटिस जारी किया है। बताते हैं कि भेजी गई नोटिस सेंटर पर ताला लगे होने की वजह से वापस आ गई है। ब्यूरो
एडी हेल्थ ने दिए सोडियम हाइपोक्लोराइड खरीद की जांच के निर्देश
बरेली। सोडियम हाइपोक्लोराइड की खरीद में हुई गड़बड़ी के मामले में एडी हेल्थ ने जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्टोर प्रभारी से संबंधित प्रकरण के बारे में जानकारी ली और निर्देश दिया कि खरीद फरोख्त का पूरा रिकॉर्ड जल्द ही उपलब्ध कराया जाए। कंटेन्मेंट जोन में स्वास्थ्य विभाग की ओर से सोडियम हाइपोक्लोराइड से सैनिटाइजेशन कराया जाता है। मगर इसमें बड़ा घपला सामने आया है। अब एडी हेल्थ ने मामले की जांच शुरू करा दी है। केमिकल के गैलन पर उसके बनने और एक्सपायर की तारीख का जिक्र न होने से मामले में खेल की आशंका जताई जा रही है।