दुनका/शाही। खेऊ की गौंटिया में ग्राम पंचायत की खलिहान की सरकारी जमीन पर धोखाधड़ी से निजी स्कूल का भवन बनवाने और कूटरचित, जाली दस्तावेजों से कक्षा कक्षों के निर्माण के नाम पर दो विधायकों की निधि के 87500 रुपये हड़प लेने के मामले में सीडीओ के आदेश पर डीआरडीए एई ने शाही थाने में स्कूल प्रबंधक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है। इन स्कूल प्रबंधक पर सांसद संतोष गंगवार की तीन लाख रुपये की विवेकाधीन निधि हड़पने के मामले में भी आरसी भी कट हो चुकी है। ये मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। थाना शाही के गांव खेऊ की गौंटिया में प्रबंधक रामचरनलाल राजपूत ने आबादी की जमीन पर अवंतीबाई लोधी मांटेसरी स्कूल का भवन दर्शाकर वर्ष 2001-02 में तत्कालीन एमएलसी दिग्विजय सिंह की विवेकाधीन निधि से कक्ष निर्माण के लिए 50 हजार और वर्ष 2002-03 में विधान परिषद सदस्य डा. नेपाल सिंह की विधायक निधि से दूसरे कक्ष के निर्माण के नाम पर 37 हजार रुपये प्राप्त किए थे। पीडी डीआरडीए के समक्ष नोटरी शपथ पत्र देकर घोषणा की थी कि स्कूल भवन निजी-विवाद रहित जमीन पर बना है। धोखाधड़ी की नीयत से गाटा सं.360-361 का स्कूल जमीन के नाम से बयनामा भी करवाया था। हालांकि स्कूल भवन आबादी की गाटा नं. 360-361 के बजाय ग्राम पंचायत की खलिहान की सरकारी जमीन गाटा सं. 412 पर बनवाया गया। तत्कालीन एसडीएम-बीडीओ मीरगंज की स्थलीय जांच में धोखाधड़ी की पुष्टि हुई थी। गाटा सं. 412 में 28 जून 2011 को जारी कोर्ट के आदेश पर 122 बी के मुकदमे में प्रबंधक रामचरन लाल राजपूत पर 37 हजार रुपये जुर्माना भी ठोंका गया था।
पांच फरवरी 2016 को पीडी डीआरडीए एसडीएम मीरगंज के जरिए स्कूल प्रबंधक को नोटिस तामील करवा चुके हैं। इसमें दोनों विधायकों की निधि के 85 हजार रुपये और 18 फीसदी सालाना ब्याज मिलाकर 2 लाख 27 हजार 250 रुपये जमा करवाने का हुक्म दिया गया था। तत्कालीन सांसद संतोष गंगवार की विवेकाधीन निधि 3 लाख रुपये पर भी ब्याज जोड़कर 8 लाख 63 हजार 350 रुपये की आरसी कट चुकी है।
सीडीओ शिवसहाय अवस्थी के निर्देश पर एई डीआरडीए मोहनचंद्र जोशी ने शाही थाने में स्कूल प्रबंधक रामचरनलाल राजपूत के विरुद्ध आईपीसी की दफा 420, 467, 468, 471, 447 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पूरे मामले में आरोपी स्कूल प्रबंधक रामचरनलाल राजपूत का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल पर संपर्क किया गया। घंटी जाती रही लेकिन दूसरी तरफ से फोन नहीं उठा।