स्वरोजगार की स्थापना और शिक्षा ऋण प्राप्त करने के लिए पिछड़ा वर्ग के लोगों को ऋण अदायगी के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। उन लोगों से तत्काल ऋण वापसी के लिए कहा गया है। इतना ही नहीं नोटिस के साथ गारंटर को भी निर्देशित किया जा रहा है कि वे लोन जमा कराने के प्रयास करें, नहीं तो उनकी संपत्ति को भी सीज कराने की प्रक्रिया कराई जाएगी। इसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे।
पिछड़ा वर्ग के लोगों के लिए वित्त एवं विकास निगम से टर्मलोन, मार्जिन मनी और शैक्षणिक ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इसके तहत तमाम लोगों को कर्ज प्रदान किया गया। इसमें अधिकांश लोन लेने वाले लोग अदायगी को लेकर संजीदा नहीं हैं। ऐसे ही बकायादारों को निगम ने चिन्हित किया है। उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग एवं विकास निगम लिमिटेड की जिला प्रबंधक रेखा गुप्ता की ओर से इन्हें नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ऐसे लोगों को पिछड़ा वर्ग कार्यालय विकास भवन में लोन अदायगी के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि वसूली के लिए बकायेदारों को नोटिस के साथ ही गांरटरों से ऋण अदायगी कराने के लिए कहा गया है। न होने की दशा में उनकी संपत्तियों को भी सीज किए जाने की प्रक्रिया होगी, जिसके जिम्मेदार वे स्वयं होंगे।