छह फरवरी से होने वाली यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में शासन और प्रशासन सख्ती बरतने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा पर नकल माफिया परीक्षाओं में सेंधमारी के लिए नए-नए पैंतरे अपना रहे हैं। शासन ने प्रत्येक कक्षा में सीसीटीवी लगाना अनिवार्य किया तो परीक्षा केंद्रों पर इसका भी तोड़ निकाल लिया गया। कैमरों का एंगल ही ऐसा सेेट किया कि सबकुछ होने के बाद भी कैमरों में कुछ न नजर आए। डीआईओएस ने निरीक्षण में यह हाल देखा तो उनको इसके लिए आदेश तक जारी करना पड़ा। कैमरा ऐसे डायरेक्शन में लगाना होगा जिससे पूरा कक्ष और ब्लैक बोर्ड दिखाई दे।
कॉलेज संचालक नहीं दे पाए जवाब
परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए डीआईओएस अचल कुमार मिश्रा ने कई केंद्रों का निरीक्षण किया। आलमपुर जाफराबाद, आंवला, भुता, मीरगंज, नवाबगंज कई तहसीलों का निरीक्षण किया। ग्रामीण इलाकों के कई परीक्षा केंद्रों पर कैमरे तो लगे मिले पर उनका डायरेक्शन ऐसा था जिसमें कक्षा का काफी हिस्सा नहीं आ रहा था खासतौर से जहां पर कक्ष निरीक्षक खड़े होते हैं और ब्लैकबोर्ड। जब संचालकों से पूछा तो उन्होंने बहाना बना दिया कि उनको इसकी जानकारी नहीं थी। अब सभी केंद्रों को नोटिस जारी किया है। अगर परीक्षा के दौरान कैमरों का डायरेक्शन सही नहीं मिला तो कार्रवाई की जाएगी।
कुछ केंद्रों पर कैमरों का डायरेक्शन ठीक नहीं मिला। सभी परीक्षा केंद्रों को नोटिस जारी कर दिए हैं। अगर कैमरे ठीक नहीं किए तो लापरवाही मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।
-अचल कुमार मिश्रा, डीआईओएस