कासगंज दंगों पर डीएम की फेसबुक टिप्पणी से बरेली से लखनऊ तक राजनीतिक भूचाल ला दिया है। तिरंगा यात्रा पर टिप्पणी कर विवादों में फंसे जिलाधिकारी आर विक्रम सिंह को लखनऊ तलब कर लिया गया है। माना जा रहा है कि डीएम की विवादित टिप्पणी से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नाराज हैं। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने लखनऊ में यह बयान देकर सरकार का डीएम के प्रति रुख साफ कर दिया है कि डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह राजनीतिक दल के प्रवक्ता बन गए हैं। माफी मांगने के बाद भी उन पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। उधर, भाजपा विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल ने डीएम की फेसबुक की टिप्पणी को देशद्रोह की श्रेणी का अपराध बताया। कहा कि वह भाजपा संगठन और सरकार के स्तर से सरकारी सेवा नियमावली के विपरीत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी करने वाले डीएम आर विक्रम सिंह पर कार्रवाई की मांग करेंगे।
जिलाधिकारी राघवेंद्र विक्रम सिंह ने सोमवार को अपनी फेस बुक आईडी से कासगंज दंगों पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि अजब रिवाज बन गया है। मुस्लिम मोहल्लों में जबरदस्ती ले जाओ और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाओ, क्या भाई, वे पाकिस्तानी हैं क्या। उन्होंने तिरंगा यात्रा पर सवाल उठाए थे। हालांकि लखनऊ तलब होने के बाद जिलाधिकारी ने अपनी टिप्पणी पर माफी भी मांग ली। विवादित पोस्ट भी फेसबुक से हटा ली गई। फिर भी उनकी टिप्पणी पर भाजपा विधायक समेत अन्य हिंदूवादी संगठनों ने उनके खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। वहीं दूसरी ओर विपक्ष के नेताओं का फेसबुक पर डीएम को भरपूर समर्थन मिल रहा है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने प्रेस कान्फ्रेंस कर कहा कि बरेली के डीएम राजनीतिक दल के प्रवक्ता बन गए हैं। उन पर कार्रवाई होगी। सरकार के सूत्रों की मानें तो फेसबुक पर विवादित टिप्पणी से सीएम योगी आदित्यनाथ समेत पूरी सरकार नाराज है। इसलिए बरेली से न केवल उनका हटना तय माना जा रहा है, बल्कि कार्रवाई भी हो सकती है।
इस अंदाज में मांगी फेसबुक पर माफी
नई पोस्ट में डीएम ने माफी मांगते हुए कहा कि अगर कोई समस्या है, तो हम आपस में चर्चा करते हैं ताकि समस्या का समाधान हो सके। ऐसा लगता है कि उनकी टिप्पणी पर बहुत लोगों को आपत्ति है और तकलीफ भी। हमारी किसी को कष्ट देने की मंशा नहीं थी। सांप्रदायिक माहौल सुधारना प्रशासनिक और नैतिक जिम्मेदारी है, हम लोगों की। मुस्लिम हमारे भाई हैं। हमारे ही रक्त। हमारा डीएनए भी एक है। इस पर फिर कभी... एकीकरण व समरसता के भाव को जितनी जल्दी हम समझें, उतना ही बेहतर है, देश के लिए। हमारे प्रदेश और जनपद के लिए। इसमें भी कोई संदेह नहीं कि हमारे मुस्लिम हमारे हैं। मैं चाहता हूं कि यह विवाद यहीं पर खत्म हो।