बीडीए अब होटल मालिकों पर भी शिकंजा कसने जा रहा है। इसके लिए बीडीए ने तीन दशक पुराने होटलों के नक्शों की फाइलें खंगालनी शुरू कर दी हैं। नक्शा स्वीकृत कराने वाले होटलों की सूची बनाई जा रही है। इसके बाद उन होटलों पर भी कार्रवाई की तैयारी है, जिन्होंने नक्शे स्वीकृत नहीं कराए हैं या फिर नक्शे के विपरीत होटल की बिल्डिंग बनाकर उसका इस्तेमाल कर रहे हैं।
नगर निगम के नवनिर्वाचित मेयर उमेश गौतम ने हाल ही में बीडीए को एक पत्र लिखा था। उसमें ऐसे होटलों की जानकारी मांगी गई थी, जिनके नक्शे बीडीए से स्वीकृत हैं। कौन सा होटल कितने एरिया में बना है। होटल का नक्शा प्राधिकरण से स्वीकृत है या नहीं। नक्शा आवासीय बिल्डिंग में स्वीकृत है या व्यावसायिक में। होटल स्वीकृत नक्शे से बनवाया गया है या उसके विपरीत बना है। होटल की बिल्डिंग में बेसमेंट है या नहीं। अगर बना है, तो उसका इस्तेमाल किस रूप में हो रहा है। पार्किंग की क्या स्थिति है। किन-किन होटलों के नक्शे बीडीए से स्वीकृत नहीं है। इन सबका ब्योरा एकत्र किया जा रहा है। रेलवे जंक्शन, सिविल लाइंस, पुराना रोडवेज बस स्टैंड, सिटी स्टेशन रोड, इज्जतनगर रेलवे स्टेशन, पीलीभीत बाईपास रोड, रामपुर हाईवे स्थित होटलों के तीस साल पुराने नक्शे खंगाले जा रहे हैं। इसके लिए बीडीए स्टाफ की अलग से टीम प्रत्येक होटल के नक्शे का ब्योरा एकत्र कर रही है। बीडीए उपाध्यक्ष डा. सुरेंद्र कुमार ने बताया कि हफ्ते भर के अंदर उन होटलों की सूची बनकर तैयार हो जाएगी, जिनके नक्शे प्राधिकरण से स्वीकृत हैं। इसके बाद आवासीय और कामर्शियल नक्शों को अलग करके सूची बनाई जाएगी। बिना मानचित्र स्वीकृत कराए जाने वाले होटलों पर प्रशासन और पुलिस की मदद से प्राधिकरण के नियमानुसार कार्रवाई होगी।