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एशोआराम के संसाधन जुटाएं जरा संभलकर , सरकार रख रही नजर

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बरेली। खुशहाल जिंदगी के लिए साल भर एशो-आराम के संसाधनों पर आपने कितनी रकम खर्च की, अब इसका भी ब्योरा तैयार किया जाएगा। केंद्र सरकार के निर्देश पर सांख्यिकी विभाग एक जुलाई से यह सर्वे करेगा। सर्वे में शामिल कर्मचारियों के लिए बुधवार से तीन दिवसीय ट्रेनिंग शुरू कर दी गई है। इस दौरान आयुष उपचार लेने वाले लोगों और उस पर होने वाले खर्च का ब्योरा भी जुटाया जाएगा।
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एक जुलाई से शुरू होकर साल भर होने वाले इस सर्वे में करीब 30 बिंदुओं को शामिल किया गया है। इसमें आयुष उपचार लेने वाले ऐसे परिवारों को शामिल किया जाएगा, जिन्होंने पिछले एक साल में इस पद्धति के जरिये उपचार लेने पर कितना खर्च किया। आयुष की जानकारी रखने वाले लोगों का भी ब्योरा तैयार होगा। इससे आयुष पद्धति की लोकप्रियता का पता चल सकेगा। इसके अलावा सर्वे में परिवार का आकार और मासिक व्यय की भी जानकारी जुटाई जाएगी। यह भी शामिल किया जाएगा कि साल भर के दौरान उस परिवार ने चारपाई, फर्नीचर, वाहन, टीवी, फ्रिज, कूलर, एसी, पंखा, मोबाइल, कंप्यूटर आदि की खरीद पर कितना खर्च किया है। इसके अलावा चावल, अनाज, दलहन, सब्जियाें आदि की उपज और उपयोग का भी ब्योरा सर्वे में दर्ज होगा।
दो दिन की ट्रेनिंग, आज फील्ड में अनुभव
बरेली कार्यालय के अंतर्गत बरेली, मुरादाबाद और सीतापुर उपक्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत 15 जिलों में यह सर्वे किया जाएगा। राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग के क्षेत्रीय निदेशक श्री सुस्मित ने बताया कि सर्वे के लिए बुधवार से तीन दिवसीय ट्रेनिंग शुरू की गई है। इसके अंतिम दिन शुक्रवार को विभाग के कर्मचारी 228 ग्रामीण और 52 शहरी क्षेत्रों में सर्वे किया जाएगा।
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ऑनलाइन किया जाएगा सर्वे
सर्वे की प्रमाणिकता के लिए कर्मचारी घर-घर जाकर टेबलेट पर ऑनलाइन सर्वे करके करीब 30 बिंदुओं पर डाटा फीड करेंगे। साथ ही लोकेशन भी अपडेट की जाएगी। क्षेत्रीय निदेशक श्री सुस्मित ने लोगों से सर्वे में सहयोग करने की अपील की है।
ये बिंदु भी होंगे सर्वे में शामिल
करीब 30 बिंदुओं पर होने वाले सर्वे में सुरक्षित पेयजल सेवा करने वाली आबादी, मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वालों का लिंगवार अनुपात, मोबाइल नेटवर्क से कवर एरिया, इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले व्यक्तियों का प्रतिशत, वित्तीय संस्थाओं में खाता रखने वाले व्यक्तियों का ब्योरा भी जुटाया जाएगा।
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