गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे को धरातल पर उतारने की कवायद तेज हो गई है। यह एक्सप्रेसवे बरेली जिले के 53 गांवों से गुजरेगा। इसके लिए भूमि चिह्नित कर ली गई है। इन जमीनों की खरीद-फरोख्त पर जिला प्रशासन ने रोक लगा दी है।
गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के लिए बरेली जिले में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। यह एक्सप्रेसवे नवाबगंज और बहेड़ी तहसील के 53 गांवों से होकर गुजरेगा। इन गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई है। भूमि अधिग्रहण की जिम्मेदारी विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी को दी गई है। किसानों की आपत्तियों के निस्तारण और मुआवजा वितरण के बाद जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा।
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गोरखपुर शामली ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे की लंबाई 700 किमी है। इसका करीब 100 किमी हिस्सा जिले से होकर गुजरना होगा। पीलीभीत जिले की सीमा से एक्सप्रेसवे जिले की नवाबगंज तहसील के गजरौला में प्रवेश करेगा और बहेड़ी तहसील के माधौपुर होते हुए रामपुर निकल जाएगा। एक्सप्रेसवे के लिए जिले में नवाबगंज तहसील क्षेत्र के 24 व बहेड़ी के 29 गांवों को लिया गया है। नवाबगंज तहसील के 17 गांवों में फोरलेन का काम एनएचएआई बरेली डिवीजन तो सात गांवों पर एनएचएआई मुरादाबाद डिवीजन काम कराएगा। बहेड़ी तहसील के सभी 29 गांवों में एनएचएआई मुरादाबाद डिवीजन काम कराएगा।
विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी देश दीपक सिंह ने बताया कि जिन गांवों से एक्सप्रेसवे गुजरेगा, उनको चिह्नित कर लिया गया है। अब काश्तकारों की संख्या व भूमि का चिह्नांकन किया जा रहा है।