शहामतगंज चौराहे के इलाके के कारोबारियों और इधर से गुजरते हुए रोजाना ट्रैफिक जाम में फंसने वाले हजारों लोगों के लिए खुशखबरी है। उनकी दिक्कतों की वजह बने अधूरे बने खड़े शहामतगंज फ्लाईओवर का निर्माण कार्य अब जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है। अमर उजाला के मुद्दा उठाने के बाद वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल की सिफारिश पर शासन ने इस पुल का रिकॉर्ड तेजी से निर्माण कराने वाले सेतु निगम के उप परियोजना प्रबंधक एसके गर्ग का ट्रांसफर शासन ने रद्द कर दिया है।
एसके गर्ग का करीब दो सप्ताह पहले से यहां से ट्रांसफर कर दिए जाने के बाद से शहामतगंज फ्लाईओवर के निर्माण का काम करीब-करीब ठप हो गया था। इस बीच निर्माणाधीन फ्लाईओवर पर सिर्फ पानी डालकर लोगों को यह एहसास कराया जाता रहा कि निर्माण कार्य अभी भी जारी है, हालांकि इस पर जो काम अधूरे छूट गए थे, वह जरा भी आगे नहीं बढ़ पाए। अमर उजाला ने खबर प्रकाशित कर इस तरफ जिम्मेदार लोगों का ध्यान खींचा था।
वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल भी तय सीमा से पहले शहामत गंज फ्लाईओवर जनता को सौंपना चाहते थे, उन्होंने इसीलिए इसका रुका बजट भी दिलाया था। गर्ग का तबादला कर लखनऊ से संबद्ध कर दिए जाने से उनकी मंशा पर भी ब्रेक लग गया था। उस दौरान वित्त मंत्री हैदराबाद में हो रही जीएसटी काउंसिल की बैठक में भाग लेने गए थे। बाद में उन्होंने लोक निर्माण मंत्री व उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से फोन पर बात कर गर्ग का बरेली में ही रोकने का आग्रह किया। मौर्य ने कार्रवाई शुरू कर दी लेकिन विभागीय दांव पेच के चलते संशोधित आदेश जारी नहीं हो पाया।
हाल ही में उपमुख्यमंत्री के बरेली आने पर वित्त मंत्री ने फिर मामला उठाया। इसके बाद मौर्य ने लखनऊ पहुंचते ही गर्ग की यथास्थान पर तैनाती बहाल करा दी। इस कुर्सी पर जोड़तोड़ कर आए अरविंद कुमार प्रथम डिविजन किला में स्थानांतरित कर दिए गए हैं। किला पर तैनात बृजेंद्र मौर्य लखनऊ संबद्ध कर दिए गए हैं। बुधवार देर शाम सेतु निगम प्रबंध निदेशक राजन मित्तल ने संशोधित आदेश जारी कर दिए हैं।