केंद्र सरकार की ओर से स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत एक बार फिर शहराें की सफाई व्यवस्था परखी जाएगी। इस बार सर्वे की रिपोर्ट 44 बिंदुओं पर तैयार होगी। इस सर्वेक्षण के लिए सभी नगर निगमों को अभी से तैयार होने को कहा गया है। इस सर्वेक्षण में दिसंबर 2017 के बाद किए गए कार्यों को शामिल नहीं किया जाएगा।
लखनऊ में अमृत योजना और स्वच्छता मिशन के तहत मुख्यमंत्री और नगर विकास मंत्री के साथ हुई नगर आयुक्तों की कार्यशाला में यह जानकारी दी गई है। बरेली से इस बैठक में शामिल हुए अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति सिंह ने बताया कि पांच जनवरी 2018 से सर्वेक्षण पूरे भारत में शुरू होगा। बरेली में कभी भी टीम आ सकती है। मुख्यमंत्री और नगर विकास मंत्री ने बताया कि उनका औचक दौरा अक्तूबर में होगा। उन्होंने जोर दिया कि स्वच्छता सर्वेक्षण में इस बार सौ बेस्ट शहराें में कम से कम 50 यूपी के होने चाहिए। सर्वेक्षण में कूड़ा निस्तारण और प्रबंधन पर भी नंबर मिलेंगे। पिछले सर्वेक्षण में बरेली को 298वें नंबर पर रखा गया था।
नवरात्र और मुहर्रम पर शहर में न दिखें गड्ढे
अमृत योजना के तहत बताया गया कि 2018 तक शहराें को शुद्ध जल की आपूर्ति किसी भी हाल में की जानी है। शहर में 130 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति के लिए ओवर हेड टैंक बनाए गए हैं। अभी 110 एमएलडी पानी की सप्लाई हो रही है। सीवर और जलापूर्ति लाइन एक साथ न मिले इसका ध्यान रखने को कहा गया है। वाराणसी में 82 लाइन एक दूसरे से मिल गई थी जिन्हें ठीक कर लिया गया है, बरेली में भी ऐसी शिकायताें को दूर करने को कहा है। दशहरा और मुहर्रम से पहले सड़काें के गड्ढे दुरुस्त करने और मार्ग प्रकाश को ठीक करने को कहा गया है।