अगर किसी ने बढ़ी फीस ली है तो उसे आगे समायोजित करने के दिए निर्देश
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तीन महीने तक फीस न देने पर बच्चे का नाम न काटने के पहले से हैं आदेश
बरेली। लॉकडाउन में आर्थिक तंगी से जूझ रहे अभिभावकों को शासन ने बड़ी राहत देते हुए नए सत्र में फीस बढ़ोत्तरी पर रोक लगा दी है। अगर किसी स्कूल ने बढ़ी हुई फीस वसूल भी ली है तो उसका समायोजन अग्रिम फीस में करने के निर्देश हैं। शासन का यह आदेश बोर्ड से संचालित सभी स्कूलों पर लागू होगा।
लंबे समय से लॉकडाउन की वजह से अभिभावकों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। बावजूद इसके कई विद्यालयों, खासकर कांवेंट स्कूलों ने नए सत्र में फीस बढ़ोत्तरी करने के साथ ही अभिभावकों को इसके मेसेज भी भेज दिए हैं। अभिभावकों की परेशानी को देखते हुए प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला ने सोमवार को सभी डीएम और मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक को आदेश जारी कर दिए हैं कि शैक्षिक सत्र 2020-21 में फीस बढ़ोत्तरी के बजाय पूर्ववत व्यवस्था लागू रखी जाए। शासन के यह भी निर्देश हैं कि अगर किसी विद्यालय ने अप्रैल में बढ़ाई हुई फीस वसूल ली है तो उसे आगे के शुल्क में समायोजित कर लिया जाए। इससे पूर्व शासन यह भी आदेश जारी कर चुका है कि अप्रैल से जून तक अभिभावकों पर फीस जमा करने के लिए दबाव न डाला जाए। साथ ही उससे तीन या चार महीने की फीस एकमुश्त लेने के बजाय सुविधानुसार एक-एक महीने की फीस ही जमा कराई जाए। इसके अलावा तीन महीने तक फीस न जमा कर पाने पर किसी भी बच्चे का नाम स्कूल से न काटा जाए।