बरेली में शहर से देहात तक हो रही इन हत्याओं का खुलासा पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। पुलिस किसी मामले में खुलासे के लिए एक सिरा जुटाती है तो दूसरा सिरा गायब हो जाता है। कैंट क्षेत्र में मिली युवती की लाश के मामले में मृतका की पहचान 48 घंटे बाद भी नहीं हो सकी है।
बरेली के कैंट क्षेत्र के ठिरिया इलाके में बाग में मिले युवती के शव की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। वीडियोग्राफी के बीच डॉक्टरों के पैनल से उसका पोस्टमॉर्टम कराया गया। इसमें गला काटकर हत्या की पुष्टि हुई। हालांकि, प्रारंभिक जांच में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हो सकी। विस्तृत जांच के लिए स्लाइड सुरक्षित की गई है।
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घटनास्थल पर कैंट पुलिस ने दूसरे दिन भी मुआयना कर सीसीटीवी फुटेज देखी पर ठोस साक्ष्य नहीं मिल पाया। 24 घंटे के अंतराल में मोबाइल टावर के दायरे में आए नंबरों को भी ट्रेस किया जा रहा है। पड़ोसी गांव मोहनपुर और झांसी जिले से लापता युवतियों के परिजनों ने भी शव देखा पर पहचान नहीं हो सकी।
वीरेंद्र हत्याकांड में भी पुलिस खाली हाथ
नवाबगंज के हरदुआ गौटिया निवासी किसान वीरेंद्र सिंह की 18 दिसंबर की रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तीन दिन बाद भी हत्या के खुलासे की डगर पुलिस को नहीं मिल सकी है। ग्रामीण इसे पशु चोरों की हरकत मान रहे हैं तो पुलिस निजी वजह को लेकर भी तफ्तीश कर रही है।