मां को सलाम कर बोली- अपना ख्याल रखना
परिजनों ने बताया कि गुलनाज सुबह सात बजे घर से निकलते हुए अपनी मां शहनाज से बोली, मैं जा रही हूं अपना ख्याल रखना। देर हो रही है, बस छूट जाएगी। उन्हें क्या पता था बेटी बस के बजाय ट्रेन से जा रही है और कभी लौट कर नहीं आएगी। बताया कि गुलनाज ने बैंक से निकाले दस हजार रुपये और झुमके अलमारी में रखे थे। यह बात उसने सुसाइड नोट में लिखी है। परिजनों ने बताया कि गुलनाज ने बीएससी करने डीएलएड किया था। सीटीईटी व यूपीटेट भी पास कर चुकी थी। नौकरी न मिलने से परेशान थी।
गुलनाज के पर्स में मिले सुसाइड नोट में लिखा है कि मैंने दस हजार रुपये और कानों के झुमके अलमारी में रख दिए हैं। किसी भी बैंक में अब रुपये नहीं हैं। मैं अपनी जिदंगी से ऊब चुकी हूं। कोई कार्रवाई नहीं की जाए। सभी लोग खुश रहना। अपनी मर्जी से खुदकुशी कर रही हूं। किसी को परेशान न किया जाए।