घनश्याम शर्मा करीब 25 साल तक बरेली बार एसोसिएशन में सक्रिय रहे। ताउम्र कचहरी में वर्चस्व बनाए रखने के बाद उन्होंने अंतिम सांस भी कर्मभूमि में ली। सोमवार को कचहरी जाने के दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। अस्पताल में उनका निधन हो गया।
बरेली बार एसोसिएशन के 15 बार अध्यक्ष रहे वरिष्ठ अधिवक्ता घनश्याम शर्मा का सोमवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोपहर 2:23 बजे एक मुकदमे में बहस के लिए कचहरी जाने के दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा। जब तक सहयोगी अस्पताल लेकर पहुंचते तब तक उनकी सांसें थम चुकी थी। उनके निधन की सूचना पर एसोसिएशन में शोक की लहर दौड़ गई।
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घनश्याम शर्मा करीब 25 साल तक बरेली बार एसोसिएशन में सक्रिय रहे। ताउम्र कचहरी में वर्चस्व बनाए रखने के बाद उन्होंने अंतिम सांस भी कर्मभूमि में ली। घनश्याम शर्मा ने सन 1977 बरेली कॉलेज से एलएलबी उत्तीर्ण होने के बाद उन्होंने वकालत शुरू की। बाबू नरेंद्र कुमार वर्मा उर्फ लल्ला बाबू से उन्होंने बारीकियां सीखीं। कॉलेज के दौरान ही राजनीति की ओर झुकाव होने से उन्होंने बार एसोसिएशन का चुनाव लड़ा।
घनश्याम शर्मा साल 1985 में संयुक्त सचिव, 1987 में कोषाध्यक्ष, 1996 से क्रमिक तीन साल तक सचिव पद के लिए चुने गए। साल 2000 में पहली बार अध्यक्ष पद के लिए चुने गए। इसके बाद करीब 15 साल तक बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पद का कार्यभार संभाला। बताया जाता है कि जब वे चुनाव नहीं लड़े तो जिसके समर्थन में रहे, वह चुनाव उसके नाम रहता। एसोसिएशन की लंबी राजनीतिक पारी में दो बार अध्यक्ष पद पर हार का भी सामना किया था।