बरेली। खाद संकट के दौर में मनमाने तरीके से करीबियों को ही डीएपी खाद उपलब्ध कराने वाले चार दुकानदारों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए। प्रतिष्ठान बंद करने के लिए उन्हें एक माह का समय दिया गया है, अन्यथा उनके खिलाफ अगली कार्रवाई की जाएगी।
अक्तूबर में किसानों ने शिकायत की थी कि मलिक खाद एजेंसी फरीदपुर, विशाल खाद भंडार फतेहगंज पूर्वी, शिवांश रोहित किसान सेवा केंद्र आंवला और लक्ष्मी फर्टिलाइजर्स देवचरा से किसानों को लौटाया जा रहा है। चारों दुकानदार सिर्फ करीबियों को डीएपी दे रहे हैं। जिला कृषि अधिकारी ऋतुषा तिवारी ने मौके पर जाकर जांच की। दुकानदारों के पास कितनी डीएपी आई थी और किस-किस को कितनी डीएपी वितरित की? इसका रिकॉर्ड लेकर संबंधित किसानों से बात की गई। पता चला कि उन्हें जरूरत से ज्यादा खाद दे दी गई थी। जबकि, खाद के अभाव में कई किसान अपने गेहूं की बोआई नहीं कर पाए। इस पर जिला कृषि अधिकारी ने चारों दुकानों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं।
एक और दुकानदार पर होगी कार्रवाई
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि इस सीजन में अब तक दो दुकानदारों पर रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है। मनमाने तरीके से डीएपी के वितरण पर चार दुकानदारों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। एक और दुकानदार की जांच चल रही है। जल्द ही उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। संवाद