बरेली। रेलवे की इंजीनियरिंग टीम ने लाल फाटक क्रॉसिंग पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज पर गर्डर लांच करने शुरू कर दिए हैं। शनिवार को पहले चरण में चंदौसी रेलमार्ग की ओर 35 मीटर लंबे स्पैन में चार गर्डर रखे गए। चूंकि यह स्पैन सड़क से काफी दूर है लिहाजा न रेलमार्ग पर ब्लॉक लिया गया, न ही सड़क मार्ग पर। रविवार को भी दूसरे स्पैन में चार गर्डर लांच किए जाएंगे।
रेल बोर्ड ने लाल फाटक ओवरब्रिज पर गर्डर लांच करने की अनुमति दे दी है जिसके बाद इंजीनियरिंग टीम ने शनिवार से यह काम शुरू कर दिया। निर्माण एजेंसी ने पहले चरण में चार गर्डर लांच किए हैं। चंदौसी रेल मार्ग की तरफ सड़क और रेल मार्ग के बीच 35 मीटर के स्पैन में ये गर्डर रखे गए है जो क्रॉसिंग से थोड़ा हटकर है। इस वजह से रेलवे की ओर से ब्लॉक नहीं लिया गया। इन चार गर्डर को रखने में लगभग तीन घंटे का समय लगा। इस दौरान रेलमार्ग पर ट्रेनों का संचालन भी चलता रहा है।
बता दें कि लाल फाटक ओवरब्रिज का निर्माण पिछले छह साल से लटका हुआ है। तीन साल से गर्डर आने का इंतजार किया जा रहा था। अब जाकर गर्डर की खेप आई है जिसके बाद उन्हें असेंबल कर लांच किया जा रहा है। इसके साथ अब लाल फाटक ओवरब्रिज के निर्माण के रफ्तार पकड़ने की उम्मीद पैदा हो गई है।
...इसलिए नहीं किया रूट डायवर्जन
हाल में ही रेलवे ने सड़क मार्ग पर 17 दिन का ब्लॉक लेने के बाद दोनों क्रॉसिंग पर अंडरपास बनाने के लिए सेगमेंट बॉक्स रखने का काम किया था। यह काम सिर्फ चार दिन ही हुआ लेकिन लाल फाटक रोड से गुजरने वाले लोगों को 17 दिन तक भारी परेशानी झेलनी पड़ी। माना जा रहा है कि इतने लंबे ब्लॉक के दौरान भी काम पूरा न कर पाने की वजह से रेलवे की ओर से इस बार ब्लॉक की मांग नहीं की गई। एक कारण यह भी था कि जिस स्पैन पर गर्डर रखे गए, वह सड़क से सुरक्षित दूरी पर था। लिहाजा गर्डर लांच करने के दौरान दोनों तरफ से ट्रैफिक चलता रहा। हालांकि कहा जा रहा है कि दूसरे स्पैन पर गर्डर रखने के दौरान यातायात प्रभावित हो सकता है।
रेलवे से ब्लॉक मिलने के बाद ही क्रॉसिंग पर रखेे जाएंगे गर्डर
लाल फाटक पर दो क्रासिंग हैं। एक क्रासिंग लखनऊ-दिल्ली रेल मार्ग पर है तो दूसरी चंदौसी रेल मार्ग पर। इन दोनों क्रासिंग पर 24 गर्डर रखे जाने हैं। यहां भी 35-35 और 46-46 मीटर लंबे गर्डर रखे जाएंगे। क्रॉसिंग के ऊपर गर्डर रखना ज्यादा बड़ी चुनौती माना जा रहा है। इन दोनों स्पैन पर गर्डर रखने के लिए रेलवे से लंबा ब्लॉक लेना पड़ेगा। इस दौरान ट्रेनों के साथ सड़क मार्ग पर भी यातायात बंद रखना पड़ेगा।