घरवाले बोले- दो दिन पहले घर से ले जाकर पुलिस ने पीटा
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छूटकर आने के बाद से पी रहा था कच्ची शराब, पुलिस ने आरोप नकारे
बरेली। कच्ची शराब के लिए बदनाम गंगापुर में छोले-भटूरे बेचने वाले युवक की मौत के बाद खासा हंगामा हो गया। घरवालों ने पुलिस की पिटाई से दहशत में आने से मौत होने की बात कही तो हड़कंप मच गया। हालांकि परिवार ने पोस्टमार्टम कराने और किसी तरह की कार्रवाई से परहेज किया। वहीं, आसपास के लोगों का कहना था कि युवक तीन दिन से कच्ची शराब पी रहा था। वह दमा का मरीज भी था, इसी वजह से उसकी मौत हुई।
गंगापुर में पीली कोठी के पास रहने वाले 35 वर्षीय राजेश उर्फ डॉन की रविवार रात जिला अस्पताल में मौत हो गई। दोपहर के वक्त तबीयत खराब होने पर भाई मोहन ने उसे भर्ती कराया था। मौत की खबर मिलते ही अस्पताल में मोहल्ले वालों की भीड़ लग गई। मोहन ने बताया कि राजेश लॉकडाउन की वजह से ठेला नहीं लगा पा रहा था, लेकिन वह घर पर ही छोले-भटूरे बनाकर बेचता था। कभी-कभार चाऊमीन भी घर के दरवाजे के पास खड़े होकर बेचता था। सप्ताह भर पहले कुछ लोगों ने श्यामगंज चौकी पुलिस से इसकी शिकायत कर दी तो पुलिस ने आकर राजेश की पिटाई की। इसके बाद राजेश ने एक-दो दिन काम बंद रखा, लेकिन फिर शुरू कर दिया। दो दिन पहले पुलिस उसे पकड़कर ले गई और चौकी में बंद करके पीटा। एक व्यापारी नेता की सिफारिश पर उसे छोड़ा गया। तभी से वह दहशत में था और शराब पीने लगा था। हालांकि आसपास के लोगों का कहना है कि राजेश सांस का मरीज था। वह कच्ची शराब पीने का आदी था। रविवार सुबह भी वह शराब लेकर आया था। इस बाबत बारादरी इंस्पेक्टर नरेश त्यागी का कहना है कि पुलिस ने राजेश के साथ कोई मारपीट नहीं की थी। उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया था। परिवार वाले पोस्टमार्टम और किसी तरह की कोई कार्रवाई कराने को तैयार नहीं हैं।