दोपहर भर मौसम ने लोगों को घरों में बंद रखा पर शाम को फिर बढ़ी भीड़
बरेली। रमजान के दूसरे दिन रविवार को पुराना शहर के बाजार में शनिवार के मुकाबले काफी कम हलचल रही। दिन में न दुकानें खुलीं दिखी न सड़कों पर भीड़ दिखाई दी। सड़कों पर कुछ ठेले वाले जरूर मौजूद थे। दोपहर को मौसम ने लोगों को घरों से नहीं निकलने दिया। सैलानी और किला दोनों इलाकों में शाम तक हालात काबू में रहे लेकिन इफ्तारी के समय फिर अचानक बाजार खुल गया और देखते ही देखते दोनों इलाकों में रौनक बढ़ गई।
रमजान के पहले दिन शनिवार को शहर के ज्यादातर बाजारों में अच्छी-खासी भीड़भाड़ का माहौल रहा था। तड़के दुकानें खुलने के बाद पुलिस ने करीब आठ बजे बाजार बंद करा दिया था लेकिन इसके बाद इफ्तार के समय से करीब तीन घंटा पहले फिर बाजारों में भीड़ बढ़ गई। खास कर पुराना शहर के मीरा की पैंठ में सुबह के वक्त बाजार खुलने से भीड़ बढ़ी तो पुलिस ने बंद करा दिया, मगर मंडी खुली दुकानों पर काफी मारा मारा मारी रही। किला बाजार में भी सुबह दुकानें खुली और लोगों ने डट कर खरीदारी की। अलबत्ता पुलिस की सख्ती भी दिखी।
शहामतगंज सुबह में पूरे शबाब रही। भीड़ का आलम यह था कि सामाजिक दूरी का ख्याल भी लोगों ने नही रखा। यहां फुटकर खरीदारी करने से लेकर तमाम थोक व्यापारियों ने भी भरपूर खरीदारी की। सिटी सब्जी मंडी में सामान्य स्थिति रही। जबकि किला पुल के नीचे फल मंडी तक खरीदार नहीं पहुंच पाए। कुछ ही लोग खरीदारी करते नजर आए।
दिन में भले ही सैलानी आदि इलाकों में कम दुकानें लगी मगर शाम होते-होते यह हालात हो गए कि लगने लगा जैसे लोगों को लॉकडाउन से ही पूरी छूट दे दी गई हो। रविवार को सुबह के वक्त हालात काफी हद तक काबू में रहे। बाजार में इक्का-दुक्का फलों के ठेले और कुछ किराना की दुकानें छोड़कर ज्यादातर दुकानें बंद रहीं। बाजार नहीं लगा। इसके बाद दोपहर को जब आंधी-बारिश शुरू होने के बाद सड़कों पर घटाटोप अंधेरा छा गया तो लोग खुद ही घरों में घुस गए।
हालांकि इफ्तार से पहले शाम पांच बजे से बाजार में फिर चहल-पहल बढ़ने लगी। इफ्तार से करीब एक घंटे पहले सैलानी, मीरा की पैंठ, किला बाजार, जसोली और मलूकपुर में लोगों की अच्छी-खासी भीड़ सड़कों पर दिखाई देने लगी। हालांकि शनिवार की तरह खजला-फेनी और पकौड़ियाें की दुकानें नहीं खुलीं। कई इलाकों में लोग इन चीजों की तलाश में निकले जरूर लेकिन निराश होकर घर लौट गए।