बदायूं/दातागंज। गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि चिह्नित करने के काम में दातागंज तहसील के कई गांवों में भी चूक सामने आई है। किसानों के विरोध के बाद यहां नए सिरे से पैमाइश की जा रही है। अब तक नए सिरे से पैमाइश का काम करीब 70 फीसदी पूरा हो गया है। पैमाइश में साफ हो गया कि जिन किसानों की भूमि का गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहण नहीं किया गया था वहां भी निशान लगाकर समतलीकरण का काम शुरू कर दिया गया।
बदायूं की चार तहसीलों के 85 गांवों से होते हुए करीब 95 किमी दूरी तय करने वाले गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि समतलीकरण का काम दस अप्रैल से शुरू किया गया था। काम शुरू होने के साथ ही विरोध भी होने लगा। कई स्थानों पर ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनकी भूमि एक्सप्रेस-वे के लिए नहीं ली गई है, लेकिन काम शुरू कर दिया गया है, जबकि जिन किसानों की भूमि का बैनामा कराया गया है उस पर काम नहीं किया जा रहा। दातागंज के गांव डहरपुर कलां, धमी पट्टी, नगरिया खनू और बिहारीपुर में भी किसानों ने काम रुकवा दिया और अधिकारियों से शिकायत की थी। बिसौली के रोठा, करकटपुर, पस्तोर और निनमा, चिचैटा गांवों में भी ऐसी स्थिति बनी।
इसके बाद फिर से पैमाइश का काम किया जा रहा है जिसमें फिर से तमाम खामियां सामने आ रही हैं। दातागंज के भी कई ऐसे गांवों हैं जहां गलत भूमि पर एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए निशान लगा दिए गए।
जिन किसानों की भूमि एक्सप्रेस-वे की सीमा में नहीं आ रही है उनकी जमीन पर काम शुरू कर दिया गया। वहीं जिन किसानों की जमीन को लिया गया है उसको छोड़ दिया गया। नए सिरे से पैमाइश का करीब 70 फीसदी काम पूरा कर लिया गया है। दातागंज के 27 और बिसौली के 38 गांवों से एक्सप्रेस-वे गुजरेगा।
एक्सप्रेस-वे दातागंज तहसील के 27 गांवों से होकर गुजरेगा। एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए गलत स्थानों पर भूमि चिह्नित कर निशान लगा दिए गए थे। जिन स्थानों से एक्सप्रेस-वे नहीं गुजरेगा वहां भी काम शुरू करा दिया गया। नए सिरे से पैमाइश में यह चीजें सामने आई हैं। अब तक 70 फीसदी से ज्यादा पैमाइश का काम पूरा हो चुका है। जल्द एक्सप्रेस-वे का काम शुरू हो जाएगा।
-रामशिरोमणि, एसडीएम दातागंज