शाहजहांपुर में सिपाही मोहित पर दर्ज हुआ मुकदमा
वायरल ऑडियो में एसओजी के जिस सिपाही मोहित की चर्चा हो रही है, उसका पूरा नाम मोहित शर्मा है। बताया जाता है कि मोहित को सिर्फ एसओजी में ही तैनाती पसंद है। शाहजहांपुर एसओजी में तैनाती के दौरान मोहित समेत एसओजी इंचार्ज क्रांतिवीर सिंह पर थाना आरसी मिशन में लूट का मुकदमा दर्ज हुआ था। करीब चार महीने वह लापता रहा।
बमुश्किल मामला निपटा तो मोहित का तबादला दूसरे जोन में कर दिया गया। बताते हैं कि वहां मोहित का मन नहीं लगा। बरेली लौटे मोहित को पहले थानों में काम मिला पर उसने फिर एसओजी में तैनाती पा ली। अब इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं।
सबके हो गए प्रमोशन
वर्ष 2020 में रिश्वत के रुपयों का बंटवारा करते बरेली एसओजी का वीडियो वायरल हुआ था। तत्कालीन एसएसपी रोहित सिंह सजवान ने कोतवाली में एसओजी के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद एसओजी को भंग किया गया पर कार्रवाई उससे आगे नहीं बढ़ सकी। सीओ प्रथम काफी समय तक मामले की विवेचना करती रहीं। अब विवेचना क्राइम ब्रांच के पास है। तर्क दिया जा रहा है लैब से ऑडियो की पुष्टि में समय लग रहा है। इस दौरान लगभग सभी आरोपी प्रमोशन पा चुके हैं।
शहर में बसे पुलिसवाले कराते हैं सेटिंग
शहर में तैनात कई पुलिसकर्मी पिछले कई वर्षों से यहीं घर बनाकर रह रहे हैं। विभागीय अभिलेखों में उनके पैतृक गांव और जिलों के पते दर्ज हैं। सेटिंग के आधार पर काफी समय से शहर में ही उनकी तैनाती है। सूत्र बताते हैं कि ऐसे पुलिसवालों ने गलत धंधों में लिप्त लोगों से दोस्ती गांठ ली है। यह लोग थानों और एसओजी से जुआरियों और सट्टेबाजों की सेटिंग कराते हैं।
एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने बताया कि दो लोगों की बात का जो ऑडियो वायरल हो रहा है, उनके नाम-पते अभी स्पष्ट नहीं हुए हैं। इसका पता कराया जा रहा है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।