कोल्ड स्टोर से मंडी में आने वाले फलों के दाम ज्यादा
बरेली। सहालग का सीजन आते ही फलों के दाम आसमान छूने लगे हैं। थोक बाजार में तो दाम फिर भी नियंत्रित हैं, खुदरा बाजार में मनमानी हावी है। जो फल कोल्ड स्टोर से आ रहे हैं, उन पर महंगाई और ज्यादा है। ऐसे में बाजार पहुंचने वाले ग्राहकों को जेब ढीली करनी पड़ रही है।
हिंदुओं के साथ ही इन दिनों मुस्लिमों में भी सहालग हैं। ऐसे में फलों की बिक्री सामान्य दिनों की तुलना में अधिक हो रही है। सामान्य दिनों में फलों की जो टोकरी 800 से 1000 रुपये में तैयार होती थी, उसके दाम 1200 से 1500 तक पहुंच गए हैं। 160 रुपये किलो तक बिकने वाला सेब 200 रुपये तक बिक रहा है। इसी तरह से संतरे के दाम में भी तेजी आई है। संवाद
थोक में कम फुटकर में दाम दोगुना
शहामतगंज सहित अन्य बाजारों में फलों के दाम में तेजी है। डेलापीर में दाम फिर भी नियंत्रित हैं। हालांकि, व्यापारियों का कहना है कि अभी कई फलों का सीजन नहीं है। ये फल कोल्ड स्टोर से आ रहे हैं। इस वजह से भी दाम ज्यादा हैं।
- डेलापीर मंडी में फलों के दाम ठीक है। फुटकर में फल बेचने वाले दुकानदार अपने हिसाब से दाम तय करते है। - सुब्हान खान, फल विक्रेता, डेलापीर मंडी
- मंडी में फल खरीदने आया था, लेकिन दाम बहुत अधिक बता रहे हैं। अब डेलापीर मंडी में जाकर फल खरीदने होंगे। - प्रदीप मौर्य, ग्राहक
फलों के दाम
फल थोक फुटकर
सेब - 130 200
अंगूर - 60 100
संतरा - 90 160
खरबूजा - 25 45
पपीता - 22 40
आड़ू - 45 80
केला - 33 60 (प्रति दर्जन )
नोट- सभी फलों के दाम प्रति किलो, फुटकर फलों के दाम मोहल्लों के अनुसार अलग हो सकते हैं।