दिल्ली से नेपाल के काठमांडु जा रहे साइकिल सवार दो फ्रांसीसी नागरिक रास्ता भटककर बरेली के बहेड़ी में गांव चुरैली पहुंच गए। रास्ता भटकने पर गांववालों ने उनको डैम के पास पुलिस चौकी पहुंचाया। फ्रांसीसी नागरिकों की भाषा न समझने से पुलिसकर्मी उनकी समस्या नहीं समझ पाए। मौके पर पहुंचे सीओ ने विदेशी नागरिकों से बात की। तीनों को सुरक्षित रात में रुकवाया गया। शुक्रवार सुबह दोनों फ्रांसीसी नागरिकों को सही रास्ते से टनकपुर के लिए रवाना किया गया।
पुलिस के मुताबिक फ्रांस के ब्रायन जैक्स गिलबर्ट और सेबेस्टीयन फ्रैंकॉइस ग्रेबियल सात जनवरी को फ्लाइट से दिल्ली आए थे। उन्हें साइकिल से नेपाल के काठमांडु जाना था। वो दोनों अगले दिन ही दिल्ली से साइकिल लेकर चल दिए। बताया जा रहा है कि दोनों साइकिल सवार पर्यटक गूगल मैप के सहारे रास्ता देखकर जा रहे थे।
स्थानीय लोगों ने पुलिस चौकी पहुंचाया
फ्रांसीसी नागरिकों को पीलीभीत होकर उत्तराखंड के टनकपुर के रास्ते काठमांडु जाना था, लेकिन वह रास्ता भटककर बहेड़ी के चुरेली डैम की ओर पहुंच गए। वहां बृहस्पतिवार रात 11 बजे करीब भटके तो स्थानीय लोग उन्हें पुलिस चौकी ले आए।
फ्रांसीसी नागरिकों की फ्रेंच भाषा पुलिसकर्मी नहीं समझ पाए तब एसएसपी अनुराग आर्य तक जानकारी पहुंची। एसएसपी ने फोन पर उनसे बात की। मौके पर सीओ पहुंचे। उनकी समस्या समझी और फिर पुलिस ने उन्हें रात में सुरक्षित रुकवाया। सुबह सही रास्ता बताकर टनकपुर के लिए रवाना किया।
तीन लोगों की जा चुकी है जान
बरेली में गूगल मैप से गलत रास्ते पर जाने के पहले भी मामले सामने आ चुके हैं। बीते साल 24 नवंबर को गूगल मैप के सहारे गुरुग्राम से बरेली जा रहे तीन लोगों की कार अधूरे पुल पर चल गई। पुल खत्म होते ही उनकी कार नीचे जा गिरी, जिससे तीनों की मौत हो गई थी।
इस मामले में बदायूं के दातागंज कोतवाली में गूगल के क्षेत्रीय प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है। इसके बाद आईआईटी छात्रों की कार टूटी सड़क से नहर में जा गिरी थी। गनीमत रही कि हादसे में छात्रों की जान बच गई थी। अब फ्रांसीसी नागरिक गूगल मैप से गलत रास्ते पर चल गए थे।