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Land Acquisition: बीसलपुर-शाहजहांपुर हाईवे पर भूमि अधिग्रहण से पहले सक्रिय हुए घपलेबाज, किया ये खेल

Tue, 17 Sep 2024 12:18 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बीसलपुर-शाहजहांपुर हाईवे के मामले में एलाइनमेंट की जानकारी होने के बाद ही पेशेवर खरीदारों के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। लोकायुक्त के यहां इसकी शिकायत भी की गई है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बीसलपुर-शाहजहांपुर हाईवे के लिए भू अधिग्रहण से पहले ही घपलेबाज सक्रिय हो गए हैं। अधिसूचना जारी होने के साथ ही जमीन खरीदकर उन पर निर्माण भी करा दिए गए हैं। किसानों का कहना है कि बीते एक साल में कई बाहरी लोगों ने उनकी जमीन खरीदी है। बड़ा सवाल यह है कि खरीदारों को हाईवे के लिए लिए जाने वाले गाटा संख्या की जानकारी कैसे हुई? विस्तृत जांच हो तो यहां भी कई राज खुलेंगे। गनीमत यह है कि यहां अभी किसी को मुआवजे का भुगतान नहीं किया गया है।

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अब तक सामने आए मामलों में एलाइनमेंट लीक किए जाने की बात सामने आ रही है। बीसलपुर-शाहजहांपुर हाईवे के मामले में भी एलाइनमेंट की जानकारी होने के बाद ही पेशेवर खरीदारों के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। भू-उपयोग बदलवाने के लिए अस्थायी स्ट्रक्चर खड़े करके अधिक मूल्यांकन की तैयारी की गई है, लेकिन उक्त हाईवे के लिए अधिग्रहण के अवॉर्ड होने से पहले ही मामले खुल गए हैं। लोकायुक्त के यहां इसकी शिकायत भी की गई है।

जानकारों का कहना है कि एलाइनमेंट लीक होने के बाद पीलीभीत जिले की बीसलपुर तहसील के ग्यासपुर गांव निवासी किसानों से लखनऊ, बरेली और रुद्रपुर के लोगों ने भूमि खरीदी है। इसके बाद अधिक मुआवजा हासिल करने के लिए वहां अस्थायी निर्माण भी शुरू करा दिया है। शिकायतकर्ता ने खरीदारों के नाम तक बता दिए हैं। जिन खरीदारों के नाम सामने आ रहे हैं, वे उन्हीं 19 लोगों की सूची में शामिल हैं जिन्होंने बरेली-सितारगंज हाईवे पर अधिग्रहण की पहली अधिसूचना के बाद जमीन खरीदकर अधिक मूल्यांकन करवाकर घोटाला किया है। 

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जमीन खरीदकर बना दिया गोदाम
बाहरी खरीदारों ने मुंहमांगी कीमत देकर मेरी पांच बीघा जमीन खरीद ली और खरीदने के तुरंत बाद उस पर पक्की इमारत भी बनवा ली है। मौके पर गोदाम है। उस पर गोदाम लिखा भी है। - शाहिद हुसैन, मोहल्ला ग्यासपुर, बीसलपुर

रुपये की जरूरत थी तो बेची जमीन
रुपये की जरूरत होने के कारण मैंने पांच बीघा जमीन बाहर के लोगों के हाथ बेच दी है। यह बात अभी तक समझ में नहीं आ रही कि उन लोगों ने जमीन खरीदने के तुरंत बाद उस पर मकान क्यों बनवा लिया। - नजीम हुसैन, मोहल्ला ग्यासपुर, बीसलपुर

बाद में पता चला खरीदार का इरादा
मैंने अपनी जमीन बाहरियों के हाथ बेच दी थी। उन लोगों ने जमीन खरीदने के तुरंत बाद उस पर निर्माण करा दिया। बाद में पता चला कि उन लोगों ने सरकार से मोटा मुआवजा प्राप्त करने के लिए यह खेल रचा है। - आरिफ हुसैन, मोहल्ला ग्यासपुर बीसलपुर
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मंडलायुक्त से लेकर सीएम तक की गईं शिकायतें
अधिक मुआवजा हासिल करने के लिए रचे गए खेल का खुलासा कराने के लिए सीएम पोर्टल से लेकर मंडलायुक्त और लोकायुक्त तक शिकायतें की गईं, लेकिन अभी किसी स्तर से कोई जांच व कार्रवाई नहीं की गई। सीएम पोर्टल पर शिकायत अपलोड करने के बाद जो जवाब आया, उसमें लिखा है कि शिकायतकर्ता अधीश गंगवार की मां शांति देवी व पिता सत्यदेव की ओर से इसी मामले में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की जा चुकी है। 

अधीश गंगवार का कहना है कि उन्होंने याचिका में सिर्फ अधिसूचना की वैधता को चुनौती दी है। अन्य आरोपों की जांच तो हो ही सकती है। उनके मुताबिक बाहरी लोगों ने अगस्त से दिसंबर 2023 तक जमीन खरीदी। दाखिल खारिज दिसंबर के आखिरी सप्ताह में हुए और तभी अधिसूचना जारी कर दी गई। जाहिर है कि अधिसूचना की जानकारी खरीदारों को पहले से थी। तभी उन्होंने हाईवे की जमीन खरीदी। 
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