समय पूरा होने पर जब यूसुफ ने कंपनी के लोगों से रुपये लौटाने को कहा तो उन्होंने एक साल बाद देने के लिए कहा। एक साल बाद रुपये मांगने पर कंपनी के एमडी ने फोन पर यूसुफ को रुपये मांगने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी।
यूसुफ को धोखाधड़ी का एहसास हुआ तो थाने में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। यूसुफ ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर कोतवाली में पश्चिम बंगाल मेदनीपुर निवासी मृत्युंजय साहू, हुमा खान, स्नेहशीष, तन्मय पंडित, श्रीकांत बहरा के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है।