फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकारी मशीनरी नहीं कस रही शिकंजा, खनन माफिया बेलगाम

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। अवैध खनन के एक के बाद एक मामले सामने आने के बावजूद प्रशासन खनन माफिया पर शिकंजा नहीं कस पा रहा है। आंवला, बहेड़ी, नवाबगंज सहित कई इलाकों में माफिया धड़ल्ले से खनन कर रहे हैं। इधर शाही में भाखड़ा नदी में भी अवैध खनन हो रहा है। इससे पहले बहेड़ी की किच्छा नदी में मोहम्मदपुर और टियूला दो जगहों पर अवैध खनन पकड़ा गया था। इसके बावजूद भी सरकारी मशीनरी में खनन माफिया पर शिकंजा कसने के लिए कोई अभियान नहीं चलाया गया है।
विज्ञापन

सरकारी तंत्र और माफिया की सांठगांठ से अवैध खनन के मामले आए दिन सामने आ रहे हैं। करीब दो माह बहेड़ी में मोहम्मदपुर और टियूला दो जगहों पर अवैध खनन हो रहा था। अधिकारियों ने पहले इस मामले को दबाने की कोशिश थी लेकिन मामला शासन तक पहुंचने के बाद उच्चस्तरीय टीम यह देखकर दंग रह गई थी कि वहां पोकलेन सहित दूसरी प्रतिबंधित मशीनों से किच्छा नदी में अवैध खनन हो रहा है। इसके बाद अफसरों को इस मामले में कार्रवाई करनी पड़ी लेकिन दूसरी जगहों पर अवैध खनन रोकने के लिए प्रशासन ने कोई शिकंजा नहीं कसा। इसके बाद फरीदपुर के घारमपुर के पास धड़ल्ले से अवैध खनन होता हुआ पकड़ा गया था। कुछ दिन पहले आंवला में भी पुलिस ने बदायूं रोड पर गांव सिकरोड़ा से अवैध खनन करके ला रहे तीन ट्रैक्टर-ट्राली को पनवडिया कोठी के निकट पकड़कर सीज किया था। बताते हैं कि रात में सिकरोड़ा पनवडिया, खनगांवा श्याम और अरिल नदी के किनारे अवैध खनन जोरों से हो रहा है। अवैध खनन के मामले आए दिन सामने आने के बावजूद प्रशासन इन पर कोई लगाम नहीं कस रहा है। खनन रोकने के लिए जिला और तहसील स्तर पर गठित टास्क फोर्स भी निष्क्रिय होने से खनन माफिया को इसका पूरा फायदा मिल रहा है।

-अवैध खनन को रोकने के लिए जल्द ही नए सिरे से समीक्षा करने के साथ टास्क फोर्स को सक्रिय किया जाएगा। अवैध खनन को हर हाल में रोका जाएगा। -वीरेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें