बरेली। ट्रेनों के निरस्तीकरण, डायवर्जन, रिशेड्यूलिंग और लेटलतीफी के कारण यात्रियों की दिक्कतें कम नहीं हो रहीं। ऐसे में लंबी दूरी के काफी यात्री टिकट निरस्त करा रहे हैं। दरअसल, ट्रेन के प्रारंभिक स्टेशन से छूटने से 72 घंटे पहले टिकट निरस्त कराने पर रेलवे केवल न्यूनतम रद्दीकरण शुल्क काटता है, लेकिन 24 घंटे पहले टिकट निरस्त कराने पर कुल किराये पर 25 फीसदी कटौती की जाती है।
इन दिनों कई गाड़ियां 12 घंटे तक देरी से आ रही हैं। ऐसे में लोग फिलहाल यात्रा टाल रहे हैं। मुरादाबाद और इज्जतनगर मंडल में तीन दिन में चार हजार से ज्यादा लंबी दूरी के टिकट निरस्त कराए जा चुके हैं। इन दिनों ट्रेनों के लगातार मार्ग परिवर्तन करने पड़ रहे हैं। टिकट निरस्त कराने का एक कारण यह भी है। खासकर, पहाड़ी इलाकों की अप-डाउन ट्रेनों में ज्यादा टिकट निरस्त कराए जा रहे हैं।