उनकी तलाश में टीमें जुटीं तो रात करीब साढ़े 11 बजे दो लोगों के अवशेष लोहे की चादरों के बीच से निकाले गए। उनकी हालत ऐसी थी कि उन्हें पहचानना मुश्किल था। राकेश और अरविंद के परिजनों का कहना था कि शव उन्हीं दोनों के हैं। रात साढ़े 12 बजे तीसरी और सवा बजे चौथा शव मिला। इनमें से एक फरीदपुर कस्बे का अनूप बताया गया। हालांकि चारों शवों में से पहचान किसी की नहीं हो सकी थी।
सुबह सात बजे से दोबारा शुरू हुआ रेस्क्यू
रात पौने दो बजे रेस्क्यू ऑपरेशन बंद कर दिया गया था। गुरुवार सुबह सात बजे से रेस्क्यू ऑपरेशन दोबारा से शुरू किया गया। नायब तहसीलदार दिव्यांशी सिंह की मौजूदगी में रेस्क्यू ऑपरेशन चला। लोहे की चादरों को गैस कटर से काटकर हटाया गया। फरीदपुर के मोहल्ला परा निवासी अखिलेश शुक्ला भी इसी फैक्टरी में काम करता था। वह अभी लापता है। परिजनों को आशंका है कि उसकी भी मौत हो चुकी है।