हादसे के दौरान फैक्टरी में भगदड़ मची और मजदूर बाहर भागने लगे। कार्यरत स्टाफ ने भी बाहर जाकर जान बचाई और प्रबंधन के लोगों को सूचना दी। ये लोग आए और कीमती गद्दे व सामान खींचकर बाहर करने लगे। इस बीच अधिकांश मजदूर बाहर बाग निकले जबकि आठ दस लोग अंदर फंस गए। साथियों ने ही इनमें से अधिकांश को निकाल लिया।
फैक्टरी का गेट कर दिया था बंद
प्रबंधन ने बवाल की आशंका भांपकर झुलसे लोगों को बिना नाम पता नोट किए निजी अस्पतालों में भिजवा दिया। फैक्टरी का मेन गेट सुरक्षा गार्डों से बंद करा दिया गया। गुस्साए ग्रामीणों की इस पर गार्डों व प्रबंधन के लोगों से तकरार हुई। पुलिस भी ग्रामीणों के पक्ष में खड़ी दिखा और फिर गेट खुलवाकर इन लोगों को अंदर किया गया। शवों की तलाश का काम इसके बाद शुरू हो सका।