मुंबई से अपने घर बरेली लौटने के लिए निकले बरेली के चार युवक रविवार को बाइपास पर कोरोना के शक के फेर में पड़ गए। एसडीएम और सीओ की मौजूदगी में पुलिस फोर्स ने उनकी कार को रास्ते में ही रोक लिया। चूंकि चारों ने मास्क लगा रखा था और कार से निकलकर एक-दूसरे से दूरी बनाकर खड़े थे, इसलिए अफसरों को उनके कोरोना संक्रमित होने का शक हो गया।
इसके बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन चारों का चेकअप भी किया गया, लेकिन चिकित्साधिकारी ने बताया कि उनमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं हैं। फिर भी युवकों के चेकअप की औपचारिकता पूरी कर ली गई।
मामला रविवार सुबह करीब 9 बजे का है। बरेली में इज्जतनगर और भुता क्षेत्र के चार युवक मुंबई में एक ही स्थान पर प्राइवेट नौकरी करते हैं। मुंबई में कोरोना के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उन्होंने घर लौटने का फैसला किया। चारों युवक मुंबई से ट्रेन से सफर कर मथुरा स्टेशन पर उतरे।
जनता कर्फ्यू के कारण उन्हें वहां कोई वाहन नहीं मिला, इसलिए परिजनों ने उनके लिए बरेली से एक कार भेज दी। कार से वह बाइपास पर पहुंचे तो शक होने पर उनकी कार को रोक लिया गया। पूछताछ के दौरान अधिकारियों ने गौर किया कि चारों युवक आपस में दूरी बनाए हुए हैं।
इसके बाद एसडीएम पारसनाथ मौर्य और सीओ सर्वेंद्र कुमार ने उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचाकर जांच कराया। चेकअप के दौरान सबकुछ सही मिला। हालांकि उन्हें इसके बाद भी शाम तक अस्पताल में ही रोके रखा गया। चिकित्साधिकारी महेश प्रताप सिंह ने प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार चाहर को चारों के स्वस्थ होने की जानकारी दी है। प्रभारी निरीक्षक चाहर ने बताया कि जनता कर्फ्यू की अवधि पूरी होने के बाद ही उन्हें कार से वापस भेजा जाएगा।