बरेली। गरीब महिलाओं की आजीविका को बढ़ाने के लिए उन्हें समूह से जोड़ने के लिए आर्थिक सशक्तीकरण के तहत अभियान चलाया जाएगा। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत पात्र गृहस्थी और अंत्योदय राशन कार्ड धारक महिलाओं को चुना गया है। इन महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। जिले में 3,96,311 महिलाओं को इसके लिए चिह्नित किया गया है।
बरेली की 1188 ग्राम पंचायतों में 13,663 महिला समूह पूर्व में ही संचालित हैं। अब इनकी संख्या में और इजाफा होगा। ग्रामीण क्षेत्र की पात्र गृहस्थी और अंत्योदय राशन कार्ड धारक महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जोड़ने के लिए अभियान शुरू किया गया है। इसका मकसद गरीबी को कम करना और इन परिवारों को स्वरोजगार के साधन उपलब्ध कराना है।
समूह से जुड़ने वाली इन महिलाओं को प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इसके साथ ही स्वरोजगार स्थापित करने के लिए बैंक के माध्यम से ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा। एक बार स्वरोजगार शुरू होने के बाद उनके उत्पाद की पैकेजिंग से लेकर मार्केटिंग तक की पूरी जिम्मेदारी एनआरएलएम संभालेगा।
अभियान के तहत वर्ष 2026 में अब तक कुल 20,000 सदस्यों को जोड़ा जा चुका है। भोजीपुरा, बिथरी और बहेड़ी में अभियान तेज गति से चल रहा है। भुता और शेरगढ़ में स्थिति खराब है। इसके लिए सीडीओ ने विशेष निर्देश जारी किए हैं।
वर्जन :
ग्रामीण अंचल की महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए यह अभियान शुरू किया गया है। इन्हें प्रशिक्षण देने के साथ ही रोजगार स्थापित कराने में मदद भी दी जाएगी। - योगेंद्र लाल भारती, उपायुक्त एनआरएलएम