बरेली-दिल्ली हाईवे से शीशगढ़ जाने वाले रोड पर स्थित धनैटा फाटक पर एक के बाद एक तीन ट्रेनें गुजरने से ट्रैफिक क्या थमा कि सड़क जाम लग गया। शीशगढ़ रोड पर लगी वाहनों की कतार धीरे-धीरे हाईवे तक पहुंची और फिर हाईवे पर भी जाम लग गया। कुछ ही देर में यह जाम हाईवे पर कई किलोमीटरों तक पहुंच गए। तीन घंटे से ज्यादा वक्त तक हजारों गाड़ियां इस भीषण जाम में फंसी रहीं। इसमें वो बहनें भी थीं जो भैया दूज पर भाई को टीका करने जा रही थीं।
धनैटा फाटक पर शनिवार दोपहर गेटमैन ने करीब एक बजे फाटक बंद करके एक मालगाड़ी समेत तीन ट्रेनों को गुजारा। पटरी पर मरम्मत कार्य के चलते इस रेलवे क्रॉसिंग से ट्रेनों को 30 किमी प्रति घंटे के कॉशन पर गुजारा जा रहा था, लिहाजा लगातार तीन ट्रेनें क्रॉसिंग से गुजरीं तो करीब 25 मिनट फाटक बंद रहा। इस वजह से क्रॉसिंग के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। क्रॉसिंग खुली तो जल्दी निकलने की कोशिश में स्थिति और खराब हो गई। पहले शीशगढ़ रोड पर जाम लगा और फिर दिल्ली हाईवे पर भी फैल गया। देखते-देखते कई किलोमीटर तक गाड़ियों की लाइनें नजर आने लगीं।
पुलिस कंट्रोल रूम से धनेटा फाटक पर जाम लगने की सूचना मिलनेे के करीब एक घंटे बाद मीरगंज और फतेहगंज पश्चिमी थानों की पुलिस यहां पहुंची। तब तक करीब तीन किलोमीटर तक वाहनों की लाइनें लग चुकी थीं। दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लगने के कारण गेटमैन ने भी इस बीच कुछ समय मिलने के बावजूद फाटक बंद रखा। शाही, फतेहगंज पश्चिमी थानों के कई पुलिस कर्मियों को वाहनों को सुरक्षित निकलवाने और हाईवे खाली कराने में पसीने छूट गए। आलम यह था कि हाईवे पर पूर्व में बल्लिया, पश्चिम में नल नगरिया चौराहे तक ट्रैफिक जाम रहा जबकि धनेटा फाटक से भिटौली नगला तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। शाम पांच बजे के बाद वाहनों की आवाजाही कम होने पर ही जाम खुल सका।