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करोड़ों की ठगी का मामला: अमर ज्योति कंपनी के चार एजेंट गिरफ्तार, निदेशक और भाजपा नेता की तलाश में दबिश

Fri, 06 Jun 2025 10:06 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली / बदायूं

सार

अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड कंपनी पर करो़ड़ों रुपये की ठगी का आरोप है। बदायूं में कंपनी निदेशक, भाजपा नेता व अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। कंपनी के खिलाफ अब तक सैकड़ों शिकायतें आ चुकी हैं। 
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अमर ज्योति कंपनी का कार्यालय। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड कंपनी के चार एजेंटों को बदायूं कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। निवेशकों की सूचना पर पुलिस चार दिन बाद जागी। बरेली से आरोपियों को उठाकर कोतवाली लाया गया। यहां इनसे धोखाधड़ी गिरोह के सरगना शशिकांत व भाजपा नेता सूर्यकांत मौर्य के बारे में पूछताछ की गई। शुक्रवार को इन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।

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निदेशकों ने जब से कंपनी को दिवालिया घोषित कराने की कवायद शुरू की है, तब से निवेशकों में खलबली है। बरेली का भाजपा महानगर मंत्री सूर्यकांत मौर्य, उसके भाई शशिकांत आदि पर रिपोर्ट होने के चार दिन में ही 300 से अधिक निवेशक एसएसपी कार्यालय जाकर शिकायती पत्र दे चुके हैं। वहीं सौ से अधिक तहरीरें मुकदमे में शामिल कर ली गई हैं।

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रिश्तेदारियों में छिपे थे आरोपी 
निवेशकों की नाराजगी और लगातार विरोध के बाद कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला चौधरी सराय निवासी विजेंद्र मौर्य, गांधी नगर के कमल बाबू मौर्य, मीरा सराय के अवनीश मौर्य व शहबाजपुर के अरविंद मौर्य नाम के एजेंटों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सूत्रों के मुताबिक, सभी बरेली में अपनी रिश्तेदारियों में छिपे थे। इन चार लोगों ने शहर के करीब चार सौ से अधिक लोगों का एक करोड़ से अधिक रुपया जमा कराया है। अब इस रकम व निदेशकों के बारे में इनसे पूछताछ की जा रही है। फिर इन्हें जेल भेजा जाएगा। 

घरों पर ताला डालकर भागे एजेंट
शहर में अमर ज्योति कंपनी के सौ से अधिक एजेंट हैं। अधिकतर एजेंट घरों पर ताला डालकर परिवार के साथ भाग गए हैं। पुलिस उनके बारे में जानकारी जुटा रही है। दरअसल, निवेशक इन एजेंटों के भरोसे ही कंपनी से जुड़े थे और अपनी जमापूंजी लगा दी थी।

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निदेशकों की तलाश में दबिश
एसएसपी ने जो एसआईटी गठित की है, वह शशिकांत-सूर्यकांत व इनके मैनेजर आदि की तलाश कर रही है। बृहस्पतिवार को निदेशकों की तलाश में कई स्थानों पर दबिश दी गई, लेकिन वे हाथ नहीं लगे। बताया जा रहा है निदेशक कंपनी को दिवालिया घोषित कराने के लिए लखनऊ व प्रयागराज की दौड़ लगा रहे हैं। चार दिन पहले तक उनके फोन ऑन थे और वह निवेशकों को भरोसा दे रहे थे। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद उन्होंने नंबर भी बंद कर लिए हैं। इनका मैनेजर अमित सिंह बरेली में ही छिपा बताया जा रहा है।

छोटे लोगों ने लगाई थी बड़ी पूंजी
शहर के मध्यम वर्ग के कई ऐसे लोग जो बड़ी पूंजी एक साथ इकट्ठा नहीं कर सकते, उन्होंने अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड में रुपये जमा किए थे। इसमें किसी ने अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए तो किसी ने शादी के लिए रुपये जमा किए, ताकि समय पर उनका इस्तेमाल किया जा सके। इन लोगों को एजेंटों ने रकम दोगुना करने का लालच भी दिया था। अब कंपनी के अचानक भाग जाने से हजारों लोग इधर-उधर भटक रहे हैं। निवेशक जहां अपने एजेंटों की तलाश रहे हैं, वहीं कई निदेशक के आवास बरेली तक रोज दौड़ लगा रहे हैं। अब रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए भी कई लोग सामने आने लगे हैं।
 
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एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि निवेशकों की तहरीर के आधार पर नाम शामिल किए जा रहे हैं। कुछ एजेंटों व कर्मचारियों को भी नामजद किया गया है। उनमें से चार एजेंटों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ के बाद उनको कोर्ट में पेश किया जाएगा। अन्य एजेंटों व कर्मचारियों की तलाश में टीमें दबिश दे रहीं हैं। एसआईटी भी अपना काम कर रही है। 

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