बरेली। ईसाई समाज में गुड फ्राइडे से पूर्व रखा जाने वाला चालीस दिवसीय उपवास शुरू हो गया है। इसके पहले दिन शाम को शहर के सभी गिरजाघरों में ऐश वेडनेसडे आराधना की गई। सिविल लाइंस के क्राइस्ट मैथोडिस्ट चर्च में विशेष प्रार्थना सभा का संचालन रेव्ह. प्रमोद नंदा ने किया। विशेष गीत क्वायर डॉ. सलिल बलदेव के निर्देशन में गाया गया। बाइबिल पाठ रेव्ह. नंदा ने किया। इस अवसर पर रेब्ह. एडमंड ने उपवास व प्रार्थना की महत्ता पर प्रकाश डाला। डॉ. डोनॉल्ज बी लाल ने बताया कि बृस्पतिवार से प्रतिदिन अलग-अलग स्थानों पर प्रार्थना सभाएं शाम 5:30 बजे से होंगी।
आलोक नगर इज्जतनगर स्थित इंटरडिपेंडेंट बैप्टिस्ट चर्च में चालीस दिवसीय उपवास काल के प्रथम दिवस की विशेष आराधना पाक-आशा की रस्म के साथ की गई। इसे चर्च के सीनियर पास्टर डॉ. विलियम सैमुअल ने रस्म को संपन्न कराया। प्रार्थना के साथ श्रद्धालुओं को आशीष वचन दिए। आराधना का संचालन पास्टर इंचार्ज विशाल सैमुअल ने किया। बाद में रोजेदारों को इफ्तारी भी कराई गई। ईसाइयों की पुलिया स्थित सेंट माइकल चर्च में विशेष आराधना चर्च के मुख्य पुरोहित फादर अमन अभिषेक प्रसाद ने संपन्न कराई। साथ ही ऐश-वेडनेसडे का संदेश दिया। इस दौरान श्रद्धालुओं के मस्तक पर राख का चिह्न लगाया गया। इस दौरान चर्च की गायन मंडली ने प्रभु की महिमा के गीत गाए। आराधना के अंत में प्रभु भोज का वितरण किया गया। आराधना में पास्टर मनोज कुमार, मनोज बेदी, सी फिलिप आदि मौजूद रहे। इसी तरह सेंट अल्फांसेस चर्च, इंग्लिश चर्च, सेंट पॉल्स चर्च आदि में भी आराधना सभा की गई।
उपवास का महत्व
फादर डॉ. विलियम सैमुअल ने बताया कि गुड फ्राइडे के पूर्व चालीस दिनों तक उपवास रखे जाते हैं। इसमें बुधवार को पहला ऐश-वेडनेसडे मनाया गया। इन दिनों को ईसाई समाज पूरे धार्मिक रीति रिवाज के साथ मनाते हैं। इन दिनों को त्याग और आत्ममंथन के रूप में देखा जाता है। इन दिनों को लोग खुद को बेहतर बनाने के अवसर के रूप में स्वीकार करते हैं। इसका उद्देश्य प्रार्थना के माध्यम से ईश्वर के प्रति अपनी आस्था, तपस्या में लीन हो जाते हैं। मांसाहार त्याग कर पापों से पश्चाताप और अहंकार से दूर रखते हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष यह उपवास बुधवार से शुरू हो गया है, जो 7 अप्रैल गुड फ्राइडे तक चलेंगे। इसके बाद 9 अप्रैल को ईस्टर पर्व मनाया जाएगा।